NEET Paper Leak Protest: नीट पेपर लीक के विरोध में पटना में AISA का लोकभवन मार्च, पुलिस से झड़प के बाद लाठीचार्ज आरम्भ! | Source: News 18.comNEET पेपर लीक मामले को लेकर पटना में AISA कार्यकर्ताओं ने लोकभवन मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।

NEET Paper Leak Protest: नीट पेपर लीक के विरोध में पटना में AISA का लोकभवन मार्च, पुलिस से झड़प के बाद लाठीचार्ज आरम्भ!Source : News 18.com

NEET पेपर लीक मामले को लेकर बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कार्यकर्ताओं ने लोकभवन मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई और देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। वहीं पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने और सुरक्षा व्यवस्था में बाधा डालने की कोशिश कर रहे थे, जिसके चलते हालात को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करनी पड़ी।

AISA के कार्यकर्ता NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर लोकभवन की ओर मार्च कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज का भी विरोध किया। उनका कहना था कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय सरकार को पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।

घटना के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों के मामूली रूप से घायल होने की भी सूचना है। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और हालात को काबू में रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भी बुलाया गया। काफी देर तक पूरे इलाके में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले पर विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है। वहीं AISA ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।