बक्सर। बिहार के बक्सर में मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी का पर्व उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर के किला मैदान में रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां 45 फीट ऊंचे रावण और 40 फीट ऊंचे मेघनाथ के पुतलों का दहन किया गया। इस आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मैदान पहुंचे। पुतलों के दहन के दौरान पूरा मैदान जयकारों से गूंज उठा और वहां मौजूद लोगों ने उत्साह के साथ विजयादशमी का पर्व मनाया।
किला मैदान में रावण दहन देखने उमड़ी भीड़, जयकारों से गूंजा परिसर
विजयादशमी के अवसर पर किला मैदान में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। 45 फीट ऊंचे रावण और 40 फीट ऊंचे मेघनाथ के पुतलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पुतलों के दहन के दौरान मैदान में उत्साह का माहौल देखने को मिला। रावण और मेघनाथ के पुतलों का दहन विजयादशमी के पारंपरिक आयोजनों का प्रमुख हिस्सा रहा। इस मौके पर लोगों ने एक साथ कार्यक्रम का आनंद लिया और जयकारों से पूरा मैदान गूंज उठा। किला मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम ने शहर में दशहरे के उत्सव को खास बना दिया।
45 फीट का रावण और 40 फीट का मेघनाथ बना आकर्षण
इस वर्ष बक्सर के किला मैदान में रावण का पुतला 45 फीट ऊंचा और मेघनाथ का पुतला 40 फीट ऊंचा बनाया गया था। दोनों पुतलों का दहन विजयादशमी कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। आयोजन को देखने पहुंचे लोगों के बीच पुतलों के दहन को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया। विजयादशमी को बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। रावण दहन इसी परंपरा का हिस्सा है, जो भगवान श्रीराम की विजय और अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश देता है। किला मैदान में भी इसी परंपरा के तहत रावण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया गया।
विजयादशमी पर परंपरा और उत्साह का संगम
बक्सर के किला मैदान में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम ने विजयादशमी के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को सामने रखा। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी और जयकारों के बीच पुतलों का दहन इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा। विजयादशमी का पर्व लोगों को सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। किला मैदान में आयोजित रावण दहन के साथ बक्सर में इस पर्व का उत्सवी माहौल देखने को मिला।
