erer | Source: ererमुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर मुंबई में हुई गोलीबारी की घटना को लेकर जांच के दौरान एक नया पहलू सामने आया है। शुरुआती पूछताछ के अनुसार, कथित हमलावरों का निशाना टाइगर श्रॉफ नहीं, बल्कि कोई अन्य प्रमुख व्यक्ति था। बताया जा रहा है कि जब आरोपी अपने कथित वास्तविक लक्ष्य तक नहीं पहुंच सके, तो उन्होंने टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने का फैसला किया। हालांकि, यह जानकारी शुरुआती पूछताछ और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। पुलिस की ओर से हमले के वास्तविक मकसद की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

टाइगर श्रॉफ नहीं, किसी दूसरी बड़ी हस्ती को निशाना बनाने का दावा

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मुंबई पुलिस से जुड़े सूत्रों के हवाले से ‘लोकमत’ ने बताया कि आरोपी कथित तौर पर किसी अन्य प्रमुख व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए मुंबई आए थे। शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आने का दावा किया गया है कि अपने कथित वास्तविक लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल लगने पर हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की ओर रुख किया। इस खुलासे के बाद मामले की जांच का दायरा और महत्वपूर्ण हो गया है। जांचकर्ताओं के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि कथित तौर पर दूसरा लक्ष्य कौन था, हमलावरों को उसके बारे में क्या जानकारी थी और टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने का फैसला किन परिस्थितियों में लिया गया। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान या हमले की पूरी साजिश की पुष्टि नहीं की जा सकती।

इंस्टाग्राम रील्स से अभिनेता की गतिविधियों पर नजर रखने का दावा

रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों को टाइगर श्रॉफ के प्रशंसकों की ओर से इंस्टाग्राम पर साझा की गई रील्स और पोस्ट के जरिए अभिनेता की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिली थी। दावा है कि हमलावरों ने इन पोस्ट के आधार पर अभिनेता की सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने सोशल मीडिया पर उपलब्ध सामग्री से यह अनुमान लगाया कि अभिनेता के साथ आमतौर पर पुलिस सुरक्षा नहीं रहती। इसी जानकारी के आधार पर उन्हें लगा कि टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाना आसान हो सकता है। हालांकि, सोशल मीडिया पोस्ट के इस्तेमाल, कथित रेकी और हमले की योजना के बीच संबंधों की स्वतंत्र तथा आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

बॉलीवुड में दहशत फैलाने की थी कथित योजना

सूत्रों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हमलावरों का उद्देश्य बॉलीवुड में दहशत फैलाना भी हो सकता था। आरोपियों ने कथित तौर पर टाइगर श्रॉफ के इंस्टाग्राम खाते और उनके प्रशंसकों की ओर से साझा की गई सामग्री के जरिए उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई थी। यदि जांच में इन दावों की पुष्टि होती है, तो इससे सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारियों के संभावित दुरुपयोग और मशहूर हस्तियों की सुरक्षा से जुड़े सवाल भी महत्वपूर्ण हो जाएंगे। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले हमले के मकसद या साजिश के बारे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। टाइगर श्रॉफ, दिग्गज अभिनेता जैकी श्रॉफ के बेटे हैं और उनकी उम्र 36 वर्ष बताई गई है। गोलीबारी की घटना में अभिनेता बाल-बाल बच गए, लेकिन उनके चालक और मौके पर मौजूद एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी गोलीबारी

यह घटना 18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में पुष्पा नर्सी पार्क के पास हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, मोटरसाइकिल पर सवार तीन कथित हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर गोलीबारी की। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा और हमलावरों की पहचान को लेकर जांच शुरू की गई। गोलीबारी में अभिनेता सुरक्षित बच गए, जबकि उनके चालक और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की बात सामने आई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया और जांच मुंबई अपराध शाखा को सौंप दी।

पुलिस की 15 टीमें जांच में जुटीं, सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए

घटना के बाद हमलावरों की पहचान और उनकी गतिविधियों का पता लगाने के लिए पुलिस की 15 टीमें गठित किए जाने की जानकारी दी गई है। जांच के तहत घटना से पहले और बाद में संदिग्धों की गतिविधियों को समझने के लिए सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। मुंबई अपराध शाखा कथित साजिश, हथियारों के स्रोत और मामले में अन्य लोगों की संभावित भूमिका की भी जांच कर रही है। जांचकर्ताओं को यह पता लगाना है कि हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार कहां से आए, आरोपियों को किसने मदद पहुंचाई और क्या इस घटना में अन्य लोग भी शामिल थे।

लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से संभावित संबंध की भी जांच

गोलीबारी के बाद ऑनलाइन सामने आए दावों के मद्देनजर जांचकर्ता लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से संभावित संबंधों की भी पड़ताल कर रहे हैं। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, गिरोह की संलिप्तता और हमले के पीछे के मकसद की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले से जुड़ी खबरों में अनिल पंडित का नाम भी सामने आया है। इसके अलावा, जांचकर्ता कथित धमकी भरी एक ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता की जांच कर रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ऑडियो वास्तविक है या नहीं और उसका गोलीबारी की घटना से कोई संबंध है या नहीं। जब तक जांच एजेंसियां इन तथ्यों की पुष्टि नहीं करतीं, तब तक किसी व्यक्ति या संगठन की भूमिका को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।

हमले की साजिश और वास्तविक लक्ष्य का पता लगाना पुलिस के सामने चुनौती

टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी के मामले में शुरुआती पूछताछ के दौरान कथित तौर पर किसी अन्य प्रमुख व्यक्ति को निशाना बनाने की बात सामने आने से जांच के कई महत्वपूर्ण पहलू उभरकर आए हैं। पुलिस को अब हमलावरों के इरादे, उनके संपर्कों, सोशल मीडिया से जुटाई गई जानकारी और संभावित सहयोगियों के बारे में तथ्यों की पुष्टि करनी है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। कथित वास्तविक लक्ष्य की पहचान, हमले के पीछे का मकसद और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से किसी संभावित संबंध जैसे सवालों पर अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही सामने आ सकेगा।