erer | Source: ererकोटा/मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में राजस्थान की कोटा पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्धों को पकड़ लिया है। मुंबई के जुहू इलाके में रविवार शाम हुई इस सनसनीखेज घटना के बाद आरोपी ट्रेन से फरार होने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, मुंबई पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर कोटा जंक्शन पर ट्रेन में तलाशी अभियान चलाया गया और महज 15 मिनट के भीतर तीनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने वारदात के बाद राजस्थान के रास्ते दिल्ली पहुंचने और फिर नेपाल भागने की योजना बनाई थी। हालांकि, कोटा में पुलिस की कार्रवाई ने उनकी कथित फरारी की योजना पर पानी फेर दिया।

सात राउंड फायरिंग के बाद भागने की तैयारी

पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में जमुनाबाई नर्सरी पार्क के पास टाइगर श्रॉफ की कार पर सात राउंड गोलियां चलाई गई थीं। घटना के बाद आरोपी वहां से निकलकर रेलवे स्टेशन पहुंचे और ट्रेन में सवार हो गए। उनका मकसद मुंबई से दूर निकलकर गिरफ्तारी से बचना था। पुलिस को मिली जानकारी के आधार पर राजस्थान में उनकी तलाश शुरू की गई। इसी दौरान कोटा जंक्शन पर ट्रेन में तलाशी अभियान चलाया गया, जहां तीनों संदिग्धों को पकड़ लिया गया। कोटा पुलिस अधीक्षक (एसपी) तेजस्विनी गौतम ने सोमवार को बताया कि आरोपियों की योजना ट्रेन से जयपुर पहुंचने की थी। इसके बाद वे बस से दिल्ली जाने और फिर सड़क मार्ग से नेपाल की सीमा पार कर देश से बाहर निकलने की तैयारी में थे। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण वे अपनी योजना को अंजाम नहीं दे सके। इस मामले में अब मुंबई पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर घटना की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।

कौन हैं पकड़े गए तीनों संदिग्ध?

पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए तीनों संदिग्धों में दो वयस्क और एक नाबालिग शामिल हैं। उनकी पहचान इस प्रकार बताई गई है। रेहान उर्फ सुक्का: पुलिस के मुताबिक, वह हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है और इस मामले में मुख्य शूटर बताया जा रहा है। ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन: वह बिहार के बेगूसराय का निवासी है और पिछले कुछ वर्षों से मुंबई में रह रहा था। एक नाबालिग: वह भी हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है। शुरुआती जांच के अनुसार, रेहान उसे अपने साथ मुंबई लेकर आया था। पुलिस इन तीनों की भूमिका, उनके आपसी संपर्क और फायरिंग की साजिश में कथित भागीदारी की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपियों को विस्तृत पूछताछ और आगे की जांच के लिए मुंबई पुलिस को सौंपा जा रहा है।

फायरिंग के लिए 50 हजार रुपये एडवांस मिलने का दावा

जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली है कि टाइगर श्रॉफ की कार पर गोली चलाने के लिए शूटरों को कथित तौर पर 50,000 रुपये अग्रिम राशि के रूप में दिए गए थे। पुलिस इस रकम के स्रोत, भुगतान के तरीके और इसके पीछे मौजूद लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण है कि आरोपियों को घटना को अंजाम देने के लिए किसने निर्देश दिए, उन्हें अभिनेता की कार और घटनास्थल के बारे में जानकारी कैसे मिली और वारदात के बाद फरार होने की योजना किसने तैयार की। इन सवालों के जवाब आरोपियों से होने वाली पूछताछ के बाद सामने आ सकते हैं।

अमेरिका में बैठे गैंगस्टर अनिल पंडित का नाम भी जांच के घेरे में

कोटा पुलिस की शुरुआती जांच में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े कथित नेटवर्क का पहलू भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा रेहान उर्फ सुक्का, अनिल पंडित के संपर्क में था। अनिल पंडित को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा भगोड़ा गैंगस्टर बताया गया है, जिसके अमेरिका में रहकर भारत में रंगदारी और फायरिंग से जुड़े नेटवर्क को संचालित करने की जानकारी जांच में सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, अनिल पंडित के कथित निर्देश पर रेहान सोनीपत से नाबालिग को अपने साथ लेकर मुंबई पहुंचा था। वहां पहले से मौजूद ऋतिक कुर्मी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिए जाने की आशंका है। हालांकि, इस पूरे नेटवर्क की वास्तविक भूमिका, संपर्कों और निर्देशों की पुष्टि के लिए विस्तृत जांच जरूरी है। पुलिस आरोपियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर साजिश की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।

हथियार अब तक बरामद नहीं, पुलिस तलाश में जुटी

इस मामले में एक महत्वपूर्ण सवाल फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियारों को लेकर भी है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए संदिग्धों के पास से फिलहाल कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है। जांचकर्ताओं को आशंका है कि वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्तौल को मुंबई में ही कहीं छिपा दिया गया होगा या फरार होने के दौरान रास्ते में फेंक दिया गया होगा। मुंबई पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर हथियारों की बरामदगी का प्रयास करेगी। हथियार मिलने पर उसकी जांच से फायरिंग की घटना से जुड़े अहम साक्ष्य जुटाए जा सकते हैं। इसके साथ ही पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि घटना में इस्तेमाल हथियार कहां से आया और उसे आरोपियों तक किसने पहुंचाया।

15 टीमों के जिम्मे साजिश की पूरी कड़ी जोड़ने की जिम्मेदारी

मुंबई पुलिस इस मामले की जांच के लिए 15 अलग-अलग टीमें लगाकर काम कर रही है। इन टीमों का उद्देश्य फायरिंग की पूरी साजिश का पता लगाना, आरोपियों के संपर्कों की जांच करना और घटना से जुड़े अन्य संभावित मददगारों की पहचान करना है। पुलिस सोशल मीडिया पर सामने आई धमकियों की फॉरेंसिक जांच भी कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन धमकियों और फायरिंग की घटना के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं। इसके अलावा, आरोपियों को किसी तरह की आर्थिक सहायता, वाहन, ठिकाना या अन्य मदद उपलब्ध कराने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

अब आगे की जांच पर टिकी नजर

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में कोटा पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद जांच का दायरा मुंबई से बाहर कथित नेटवर्क तक पहुंच गया है। तीन संदिग्धों की गिरफ्तारी, नेपाल भागने की कथित योजना, 50,000 रुपये अग्रिम मिलने की जानकारी और अनिल पंडित से बताए जा रहे संपर्क जैसे पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। हालांकि, मामले में आरोपियों की भूमिका और साजिश से जुड़े सभी दावों की पुष्टि जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के जरिए होनी बाकी है। अब मुंबई पुलिस की पूछताछ, हथियारों की बरामदगी और अन्य संभावित सहयोगियों की पहचान से यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस वारदात के पीछे पूरी साजिश किस तरह तैयार की गई थी।