JPSC-JSSC Exam Scam: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच CID ने बड़ी कार्रवाई की है. परीक्षा फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपी अभय तिवारी की पत्नी और भाई को कथित तौर पर अवैध तरीके से परीक्षा पास करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
JPSC-JSSC Exam Scam: झारखंड Paper Leak में CID का बड़ा Action, Mastermind अभय तिवारी के पत्नी-भाई गिरफ्तार!Source : Zee news.com
झारखंड में Paper Leak और Exam Scam को लेकर जारी विवाद के बीच जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो गई है. झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) से जुड़ी परीक्षा में कथित फर्जीवाड़े की जांच कर रही CID ने बड़ी कार्रवाई की है. जांच एजेंसी ने मुख्य आरोपी अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और सगे भाई अक्षय तिवारी को गिरफ्तार किया है.
मामले में दोनों पर अवैध तरीके से परीक्षा पास करने का आरोप लगाया गया है. सुषमा कुमारी मंत्रिमंडल सचिवालय में सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के पद पर तैनात हैं, जबकि अक्षय तिवारी महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत बताए गए हैं.
मुख्य आरोपी अभय तिवारी से जुड़े लोगों पर भी शिकंजा
जांच के मुताबिक अभय तिवारी परीक्षा कराने वाली विवादित एजेंसी TDPL के मार्केटिंग मैनेजर बताए गए हैं और इस मामले में उन्हें मुख्य आरोपी बनाया गया है. अब उनकी पत्नी और भाई की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है.
CID की कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार चर्चा में रहा. छात्रों की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही थी.
26 दिन तक चला छात्रों का आंदोलन
झारखंड में परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार 26 दिनों तक चला. आंदोलन के दबाव के बीच सरकार ने 17 अगस्त को बड़ा फैसला लिया. सरकार ने विवादित JSSC CGL परीक्षा और लखनऊ की TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित JPSC 14वीं सिविल सेवा परीक्षा समेत सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द करने का ऐलान किया.
सरकार ने 2014 से अब तक हुई सभी नियुक्तियों की जांच कराने का भी भरोसा दिया है. इस फैसले के बाद छात्रों के आंदोलन को लेकर भी राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हुई.
सिर्फ परीक्षा नहीं, पुरानी नियुक्तियों की भी होगी जांच
सरकार के फैसले के मुताबिक वर्ष 2014 से अब तक हुई नियुक्तियों की जांच की जाएगी. ऐसे में जांच का दायरा केवल हालिया JPSC और JSSC परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहने वाला है. पुरानी नियुक्तियों और उनसे जुड़ी प्रक्रियाओं की भी जांच किए जाने की बात सामने आई है.
CID की जांच में अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित परीक्षा फर्जीवाड़े में कौन-कौन लोग शामिल थे और परीक्षा प्रक्रिया में किस स्तर पर अनियमितताएं हुईं. मुख्य आरोपी के परिवार के दो सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है.
छात्र आंदोलन के बीच सरकार का बड़ा फैसला
परीक्षा विवाद के बीच छात्रों की मांगों और आंदोलन ने सरकार पर दबाव बनाया. इसके बाद प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द करने और पुरानी नियुक्तियों की जांच कराने का फैसला सामने आया. अब CID की कार्रवाई ने इस पूरे मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है.
हालांकि, गिरफ्तार किए गए लोगों पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी. फिलहाल CID की जांच जारी है और एजेंसी परीक्षा फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है.
