जयपुर में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की एक परीक्षा के दौरान अचानक बिजली गुल होने से अभ्यर्थियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। मामला ऑल इंडिया आयुष पोस्ट ग्रेजुएट एंट्रेंस टेस्ट यानी AIAPGET 2026 का है। जयपुर के एक परीक्षा केंद्र पर बिजली जाने के बाद कंप्यूटर सिस्टम बंद हो गए और कई उम्मीदवार अपनी परीक्षा पूरी नहीं कर पाए।
यह घटना 22 अगस्त को जयपुर के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित श्री सत्य साईं पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर हुई। यहां कुल 192 उम्मीदवार परीक्षा देने पहुंचे थे। NTA के मुताबिक, इनमें से 49 उम्मीदवार बिजली की समस्या के कारण अपनी परीक्षा पूरी नहीं कर सके।
रिपोर्टों के मुताबिक परीक्षा शुरू होने के करीब 15 से 20 मिनट बाद सेंटर पर बिजली चली गई। इसके बाद कंप्यूटर बंद हो गए। परीक्षा ऑनलाइन यानी कंप्यूटर आधारित थी, इसलिए बिजली जाने का सीधा असर परीक्षा पर पड़ा।
अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। सेंटर पर पावर बैकअप की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे। कुछ रिपोर्टों में बताया गया कि कंप्यूटर लंबे समय तक शुरू नहीं हो सके, जिसके बाद उम्मीदवारों का गुस्सा बढ़ गया।
परीक्षा में परेशानी के बाद कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र के बाहर विरोध जताया। उनका कहना था कि उन्होंने इस परीक्षा के लिए लंबे समय तक तैयारी की थी और ऐसी तकनीकी समस्या की वजह से उनका पेपर पूरा नहीं हो पाया।
कई उम्मीदवारों ने परीक्षा केंद्र की व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि इतनी बड़ी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में बिजली और कंप्यूटर का बैकअप पहले से तैयार होना चाहिए था।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी परीक्षा केंद्र के वीडियो और अभ्यर्थियों के विरोध की तस्वीरें सामने आईं। हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में बिजली बंद रहने की अवधि को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं।
मामले के बाद NTA ने प्रभावित उम्मीदवारों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया है। NTA के अनुसार, 49 उम्मीदवार AIAPGET 2026 की परीक्षा पूरी नहीं कर पाए थे। इन उम्मीदवारों के लिए 1 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे से दोबारा परीक्षा कराई जाएगी।
प्रभावित उम्मीदवारों का नया परीक्षा केंद्र Rajasthan College of Engineering for Women, Jaipur रखा गया है। नई परीक्षा से जुड़ी जानकारी संशोधित एडमिट कार्ड के जरिए दी जाएगी।
NTA की परीक्षाओं में तकनीकी और दूसरी तरह की परेशानियों को लेकर हाल के दिनों में सवाल उठते रहे हैं। यही वजह है कि जयपुर की घटना के बाद भी परीक्षा व्यवस्था पर चर्चा शुरू हो गई है।
हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने NTA की परीक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इसमें परीक्षा प्रक्रियाओं का ऑडिट करने और सुरक्षा व व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए थे।
फिलहाल जयपुर के प्रभावित उम्मीदवारों को दोबारा परीक्षा का मौका दिया गया है। अब उनकी नजर 1 सितंबर की परीक्षा पर है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि राष्ट्रीय स्तर की कंप्यूटर आधारित परीक्षा के दौरान ऐसी तकनीकी समस्या दोबारा न हो, इसके लिए परीक्षा केंद्रों पर कितनी बेहतर तैयारी की जाती है।
