erer | Source: ereनई दिल्ली। मेडिकल की पढ़ाई के लिए आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) में अब उम्र और परीक्षा देने के प्रयासों की सीमा तय करने को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। फिलहाल इस परीक्षा में शामिल होने के लिए अधिकतम आयु की कोई सीमा नहीं है और उम्मीदवार कितनी भी बार परीक्षा दे सकते हैं। इसी व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए एक संसदीय समिति ने NEET UG सहित प्रमुख परीक्षाओं में उम्र और प्रयासों की उचित सीमा तय करने की संभावनाओं पर विचार करने की सिफारिश की है। यदि भविष्य में इस दिशा में कोई निर्णय लिया जाता है, तो मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों पर इसका असर पड़ सकता है।

70 साल से अधिक उम्र के उम्मीदवार भी दे रहे NEET

NEET UG में अधिकतम आयु सीमा नहीं होने के कारण अलग-अलग उम्र के उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, परीक्षा में 70 वर्ष से अधिक उम्र के अभ्यर्थियों के शामिल होने का मामला भी सामने आया है। NEET UG 2026 में 71 वर्षीय अशोक बहारा ने परीक्षा दी थी। इस उदाहरण के बाद परीक्षा में उम्र और प्रयासों की सीमा निर्धारित करने का विषय फिर चर्चा में आया है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की उम्र अलग-अलग हो सकती है। कुछ विद्यार्थी 12वीं कक्षा के तुरंत बाद परीक्षा देते हैं, जबकि कुछ अन्य उम्मीदवार दोबारा तैयारी करने या अपने शैक्षणिक लक्ष्य को पूरा करने के लिए कई वर्षों तक प्रयास करते हैं। मौजूदा व्यवस्था में अधिकतम आयु और प्रयासों की सीमा नहीं होने से पात्रता के मामले में उम्मीदवारों को व्यापक अवसर मिलता है। हालांकि, संसदीय समिति की सिफारिश का अर्थ यह नहीं है कि उम्र या प्रयासों की नई सीमा तत्काल लागू कर दी गई है। फिलहाल मामला संभावित बदलावों पर विचार करने की सिफारिश से संबंधित है। किसी भी नए नियम के लागू होने के लिए संबंधित मंत्रालयों और सक्षम प्राधिकरणों की ओर से निर्णय लेना होगा।

संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में क्या कहा?

शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने शुक्रवार को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) में सुधारों से संबंधित अपनी 382वीं रिपोर्ट पेश की। समिति के प्रमुख राज्यसभा में कांग्रेस सांसद मुकुल वासनिक हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि समिति को जानकारी दी गई कि NEET UG में फिलहाल उम्मीदवारों के परीक्षा देने के प्रयासों की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। इसी तरह, उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु भी निर्धारित नहीं है। रिपोर्ट में 70 वर्ष से अधिक उम्र के अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने का उल्लेख करते हुए इस व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत पर ध्यान दिलाया गया। द प्रिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, संसदीय समिति ने सिफारिश की कि शिक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और अन्य संबंधित पक्ष NEET UG सहित प्रमुख परीक्षाओं के लिए उम्र और प्रयासों की उचित सीमा निर्धारित करने की संभावनाओं पर विचार करें। इस सिफारिश का उद्देश्य परीक्षा पात्रता के मौजूदा नियमों की समीक्षा करना है। हालांकि, समिति ने जिस तरह विचार करने की बात कही है, उससे स्पष्ट है कि यह अभी अंतिम निर्णय नहीं है। उम्र और प्रयासों की सीमा कितनी होनी चाहिए, इसे लेकर कोई नया निश्चित मानदंड इस रिपोर्ट में लागू नियम के रूप में सामने नहीं आया है।

पहले भी NEET में लागू की गई थी उम्र और प्रयासों की सीमा

NEET की पात्रता को लेकर पहले भी बदलाव किए जा चुके हैं। केंद्र सरकार ने वर्ष 2017 में परीक्षा में शामिल होने के लिए अधिकतम तीन प्रयासों की सीमा निर्धारित की थी। इसके साथ सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 25 वर्ष और आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए 30 वर्ष तय की गई थी। हालांकि, उसी वर्ष अधिकतम आयु सीमा को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। अदालत के हस्तक्षेप और संबंधित कार्यवाही लंबित रहने के दौरान 25 वर्ष और उससे अधिक उम्र के उम्मीदवारों को NEET UG 2019 के लिए अस्थायी रूप से आवेदन करने की अनुमति दी गई। इसके बाद राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने मार्च 2022 में NEET के लिए अधिकतम आयु सीमा हटा दी। इसके बाद उम्मीदवारों को निर्धारित अन्य पात्रता शर्तें पूरी करने पर अधिकतम आयु की बाध्यता के बिना परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिला। अब संसदीय समिति की नई सिफारिश के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या भविष्य में NEET के नियमों में फिर बदलाव किया जाएगा। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि संबंधित मंत्रालय इस सिफारिश पर क्या निर्णय लेते हैं और यदि कोई बदलाव प्रस्तावित होता है, तो वह किस रूप में लागू होगा।

JEE Advanced में पहले से लागू है प्रयासों की सीमा

NEET UG और संयुक्त प्रवेश परीक्षा एडवांस्ड (JEE Advanced) की पात्रता व्यवस्था में अंतर है। NEET UG में फिलहाल अधिकतम आयु और प्रयासों की कोई सीमा नहीं है, जबकि JEE Advanced में उम्र और प्रयासों से जुड़े पात्रता नियम लागू हैं। JEE Advanced में उम्मीदवार लगातार दो वर्षों में अधिकतम दो बार परीक्षा दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त, परीक्षा में शामिल होने के लिए निर्धारित आयु संबंधी शर्तें भी पूरी करनी होती हैं। दोनों परीक्षाओं के नियमों में यह अंतर संसदीय समिति की सिफारिश के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। समिति चाहती है कि NEET UG सहित प्रमुख परीक्षाओं के लिए उम्र और प्रयासों की उचित सीमा तय करने की संभावनाओं की समीक्षा की जाए। हालांकि, इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि NEET के नियमों को JEE Advanced के समान ही कर दिया जाएगा।

NEET को कंप्यूटर आधारित परीक्षा बनाने की सिफारिश

संसदीय समिति ने केवल उम्र और प्रयासों की सीमा पर विचार करने का सुझाव नहीं दिया है, बल्कि परीक्षा के आयोजन के तरीके में सुधार की भी सिफारिश की है। समिति ने कलम-कागज के माध्यम से होने वाली परीक्षा के स्थान पर कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) प्रणाली अपनाने का सुझाव दिया है। कंप्यूटर आधारित परीक्षा में अभ्यर्थी प्रश्नों को कंप्यूटर स्क्रीन पर देखते हैं और निर्धारित प्रणाली के माध्यम से उत्तर दर्ज करते हैं। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए पर्याप्त तकनीकी ढांचे, सुरक्षित परीक्षा केंद्रों और विश्वसनीय कंप्यूटर प्रणालियों की आवश्यकता होगी। NEET जैसी बड़ी परीक्षा में कंप्यूटर आधारित प्रणाली लागू करना एक महत्वपूर्ण बदलाव होगा। इसके लिए परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता, तकनीकी सुविधाओं, परीक्षा संचालन और अभ्यर्थियों को आवश्यक जानकारी देने जैसी व्यवस्थाओं पर ध्यान देना होगा। समिति का सुझाव है कि इस बदलाव से पहले सुरक्षित सरकारी बुनियादी ढांचे में निवेश किया जाना चाहिए। खास तौर पर छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में कंप्यूटर आधारित परीक्षा आयोजित करने की पर्याप्त व्यवस्था तैयार करने पर जोर दिया गया है।

हर जिले में कम से कम एक परीक्षा केंद्र बनाने का सुझाव

संसदीय समिति ने परीक्षा केंद्रों की संख्या और उनकी उपलब्धता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया है। समिति की सिफारिश है कि देश के प्रत्येक जिले में कम से कम एक परीक्षा केंद्र बनाया जाए, ताकि अभ्यर्थियों को परीक्षा देने के लिए दूर-दराज के शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़े। ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों में रहने वाले विद्यार्थियों को अक्सर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इससे यात्रा, भोजन और रहने पर अतिरिक्त खर्च हो सकता है। परीक्षा केंद्र दूर होने पर विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को समय से पहुंचने के लिए पहले ही यात्रा की योजना बनानी पड़ती है। समिति के अनुसार, प्रत्येक जिले में परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराने से विद्यार्थियों के यात्रा और रहने के खर्च को कम करने में मदद मिल सकती है। यह व्यवस्था खास तौर पर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के उम्मीदवारों के लिए उपयोगी हो सकती है। हालांकि, प्रत्येक जिले में केंद्र स्थापित करने के लिए पर्याप्त कंप्यूटर, सुरक्षित परिसर, बिजली, इंटरनेट या आवश्यक तकनीकी सुविधाओं और प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। इसलिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा की सिफारिश के साथ बुनियादी ढांचे के विस्तार को भी महत्वपूर्ण माना गया है।

NEET अभ्यर्थियों के लिए अभी क्या है महत्वपूर्ण?

फिलहाल NEET UG के उम्मीदवारों को यह समझना चाहिए कि संसदीय समिति की सिफारिश और लागू नियमों में अंतर होता है। समिति ने उम्र और प्रयासों की उचित सीमा तय करने की संभावनाओं पर विचार करने का सुझाव दिया है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार कोई नई सीमा लागू किए जाने की घोषणा नहीं हुई है। इसी तरह, कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली अपनाने और प्रत्येक जिले में कम से कम एक केंद्र बनाने के सुझाव भी सुधार संबंधी सिफारिशें हैं। इनके लागू होने की स्थिति और समयसीमा संबंधित प्राधिकरणों के निर्णय पर निर्भर करेगी। जो विद्यार्थी NEET की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें परीक्षा की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और परीक्षा प्रणाली से संबंधित आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखनी चाहिए। किसी प्रस्तावित बदलाव को अंतिम नियम मानकर तैयारी या आवेदन से जुड़ा निर्णय लेना उचित नहीं होगा।