अमित शाह के बयान पर किरेन रिजिजू और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग। | Source: Chrome

अमित शाह के बयान पर किरेन रिजिजू और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग।Source : Chrome

संसद के मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार जारी है। प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह से सदन में जवाब की मांग कर रहा है। इसी मुद्दे पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की टिप्पणी के बाद कांग्रेस ने सरकार पर पलटवार किया है। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने रिजिजू के बयान को लेकर तंज कसा, जबकि प्रियंका गांधी ने भी अमित शाह से सदन में आकर जवाब देने की मांग दोहराई।

अमित शाह के जवाब को लेकर विपक्ष का दबाव

विपक्ष की मांग है कि 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह सदन में बयान दें। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस मांग को दोहराते हुए दावा किया कि सभापति सीपी राधाकृष्णन ने गृह मंत्री से सदन में जवाब देने को कहा था।

हालांकि, किरेन रिजिजू ने इस दावे को खारिज कर दिया। उनका कहना है कि विपक्ष यह तय नहीं कर सकता कि कोई मंत्री सदन में कब आएगा और कितनी देर बोलेगा।

रिजिजू ने विपक्ष पर ही उठाए सवाल

रिजिजू ने विपक्ष पर सदन में नारेबाजी और कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमित शाह नियमित रूप से संसद परिसर में मौजूद रहते हैं और सुबह से देर रात तक सदन में रहते हैं।रिजिजू का कहना था कि जब गृह मंत्री जवाब देने के लिए खड़े होते हैं, तब विपक्षी सांसद उनकी बात सुनने के बजाय नारेबाजी करते हैं और सदन से चले जाते हैं। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि अगर उन्हें जवाब सुनना है तो सदन में शांत रहकर उसे सुनना भी होगा।

कांग्रेस ने बयान पर साधा निशाना

रिजिजू के इस बयान पर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे संसद में सुना गया सबसे बड़ा मजाक बताते हुए रिजिजू के बयान पर व्यंग्य किया।कांग्रेस का कहना है कि विपक्ष की मांग बिल्कुल स्पष्ट है गृह मंत्री सदन में आएं, प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर स्थिति स्पष्ट करें और सवालों का जवाब दें।

प्रियंका गांधी ने भी मांगा अमित शाह का जवाब

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि अमित शाह को संसद में आकर बयान देना चाहिए और अगर किसी तरह की गलती हुई है तो उसकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।फिलहाल, अमित शाह के सदन में बयान की मांग को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और क्या गृह मंत्री सदन में विपक्ष के सवालों का जवाब देते हैं।