लखनऊ में इसी विधायक निवास की सातवीं मंजिल से कूदकर पूर्व मंत्री नानकदीन ने आत्महत्या की है। | Source: Hindustanलखनऊ में इसी विधायक निवास की सातवीं मंजिल से कूदकर पूर्व मंत्री नानकदीन ने आत्महत्या की है।Source : Hindustan

लखनऊ: राजधानी लखनऊ के लालबाग स्थित दारुलशफा विधायक निवास में मंगलवार को भाजपा नेता और पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री नानकदीन की सातवीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब वह सुभासपा विधायक हंसू राम के फ्लैट पर पहुंचे थे। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, हालांकि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। वहीं, मृतक के एक परिचित ने इसे हत्या बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

विधायक के फ्लैट पर पहुंचे, बातचीत के बाद लगा दी छलांग

जानकारी के अनुसार, नानकदीन बलिया के बेल्थरा रोड से सुभासपा विधायक हंसू राम के दारुलशफा स्थित फ्लैट पर पहुंचे थे। उस समय विधायक किसी अन्य जनपद के दौरे पर थे और फ्लैट पर उनके प्रतिनिधि मोहम्मद आरिफ मौजूद थे। आरिफ के मुताबिक, नानकदीन अक्सर वहां आया करते थे। दोनों के बीच कुछ देर बातचीत हुई, जिसके बाद आरिफ उनके लिए कॉफी बनाने रसोई में चले गए। इसी दौरान नानकदीन फ्लैट के छज्जे की ओर गए और सातवीं मंजिल से नीचे छलांग लगा दी। उनके साथ वहां रखा एक गमला भी नीचे गिर गया। आवाज सुनकर आरिफ बाहर पहुंचे और उन्हें नीचे पड़ा देखा। इसके बाद उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे बढ़ रही पड़ताल

हजरतगंज एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में नानकदीन के अवसाद (डिप्रेशन) से गुजरने की बात सामने आई है। सीसीटीवी फुटेज में भी वह सातवीं मंजिल से नीचे गिरते हुए दिखाई दिए हैं। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और अंतिम संस्कार के बाद परिजनों से विस्तृत पूछताछ करेगी ताकि घटना के कारणों का पता लगाया जा सके। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए।

हत्या के आरोप के बीच राजनीतिक सफर भी चर्चा में

घटना के बाद सिविल अस्पताल पहुंचे नानकदीन के एक परिचित ने हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी तक इस संबंध में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। यदि परिजन शिकायत देते हैं तो सभी आरोपों की साक्ष्यों के आधार पर जांच की जाएगी।

नानकदीन खदरा क्षेत्र के निवासी थे और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के करीबी माने जाते थे। वर्ष 2006 में समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान उन्हें दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बनाया गया था। वह पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के सलाहकार और हिन्दुस्तान पिछड़ा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके थे। बाद के वर्षों में वे भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ से जुड़े और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ सक्रिय रूप से कार्य करते रहे।