erere | Source: rereपूर्णिया। बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच पूर्णिया जिले से एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है। मौर प्रखंड की तियरपाड़ा पंचायत के असियानी गांव में बकरा नदी पर बना सोनापुर पुल अचानक टूट गया। पुल का हिस्सा उस समय ध्वस्त हुआ, जब एक ट्रक उस पर से गुजर रहा था। पुल टूटते ही भारी ट्रक सीधे नदी में जा गिरा। हादसे के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि ट्रक चालक समय रहते वाहन से बाहर निकल गया और तैरकर अपनी जान बचाने में सफल रहा।

ट्रक गुजरते ही भरभराकर टूट गया पुल

जानकारी के मुताबिक, घटना रविवार को करीब 11 बजे के आसपास हुई। उस समय एक ट्रक सोनापुर पुल से होकर गुजर रहा था। अचानक पुल का एक हिस्सा टूट गया और ट्रक संतुलन खोकर नदी में जा गिरा।

बताया गया है कि ट्रक बालू से लदा हुआ था। पुल के पुराने लोहे के ढांचे पर भारी वजन पड़ने के बाद उसके टूटने की बात सामने आई है। हालांकि पुल टूटने के वास्तविक कारणों को लेकर संबंधित स्तर पर स्थिति की निगरानी की जा रही है।

चालक ने समय रहते बचाई जान

पुल के अचानक टूटने के बाद ट्रक सीधे पानी में चला गया। स्थिति को भांपते हुए चालक ने वाहन के अंदर से छलांग लगा दी और तैरकर सुरक्षित निकलने में कामयाब रहा। इस वजह से हादसे में चालक की जान बच गई।

हादसे के बाद ट्रक पूरी तरह नदी में डूब गया। पुल का हिस्सा टूटने और भारी वाहन के नदी में गिरने की खबर फैलते ही आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया।

जलालगढ़-अमौर संपर्क मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद

सोनापुर पुल के क्षतिग्रस्त होने का सीधा असर सड़क यातायात पर पड़ा है। पुल टूटने के बाद जलालगढ़-अमौर संपर्क मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।

यह मार्ग आसपास के कई गांवों को जोड़ता है। ऐसे में पुल टूटने के बाद आवागमन बाधित होने से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सड़क के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही रुकने की स्थिति बन गई है।

बाढ़ के बीच पुल टूटने से बढ़ी परेशानी

पूर्णिया जिले के कई इलाकों में पहले से ही बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे समय में महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग पर पुल का क्षतिग्रस्त होना स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है।

प्रशासन की ओर से जिले में नदी के जलस्तर और कटाव की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। आवश्यकता के अनुसार जल संसाधन विभाग द्वारा कटाव निरोधक कार्य भी किए जा रहे हैं।

महानंदा और कनकई के जलस्तर में कमी

प्रशासन के अनुसार पूर्णिया जिले में महानंदा, कनकई और परमान नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। महानंदा और कनकई के जलस्तर में कमी की स्थिति बताई गई है, जबकि परमान नदी के जलस्तर में हल्की वृद्धि दर्ज की गई है।

एसडीएम अभिषेक रंजन ने बताया कि नदियों के जलस्तर में कमी जारी है और प्रशासन नदी के जलस्तर के साथ-साथ कटाव की स्थिति की भी लगातार निगरानी कर रहा है।

महानंदा उप प्रमंडल पूर्णिया केंद्रीय जल आयोग क्षेत्र के अधिकारी अभिषेक लकड़ा ने भी नदियों के जलस्तर से जुड़ी जानकारी दी। उनके अनुसार किशनगंज जिले के तैयबपुर में महानंदा का डेंजर लेवल 66.000 मीटर है। शुक्रवार शाम पांच बजे जलस्तर 63.430 मीटर था, जो 24 घंटे में हल्की वृद्धि के बाद शनिवार को 63.540 मीटर पहुंचा।

डेगराह घाट पर भी जलस्तर की निगरानी

पूर्णिया जिले के डेगराह घाट में महानंदा का डेंजर लेवल 35.650 मीटर निर्धारित है। शुक्रवार शाम पांच बजे यहां जलस्तर 33.820 मीटर था। शनिवार को कमी के बाद यह 33.760 मीटर पर पहुंच गया।

प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव और संभावित कटाव पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों में आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

एसडीआरएफ को रखा गया पूरी तरह तैयार

बाढ़ और जलभराव की स्थिति को देखते हुए राज्य आपदा मोचन बल यानी एसडीआरएफ की टीम को अत्याधुनिक उपकरणों के साथ तैयार रखा गया है। टीम को किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए ‘रेडी टू मूव’ स्थिति में रखा गया है।

जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ और जलभराव से निपटने की तैयारियों की भी समीक्षा की जा रही है। एडीएमओ प्रणव कुमार बायसी स्थित डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी रिस्पॉन्स फैसिलिटी-कम-ट्रेनिंग सेंटर पहुंचे और वहां उपलब्ध आपातकालीन संसाधनों का स्थलीय निरीक्षण किया।

35 नावें लोगों के आवागमन में जुटीं

प्रभावित इलाकों में आम लोगों के सुरक्षित आवागमन के लिए कुल 35 नावें चलाई जा रही हैं। इनमें 28 सरकारी और 7 निजी नावें शामिल हैं।

रूपौली में 15 नावें, जिनमें 11 सरकारी और 4 निजी हैं, संचालित की जा रही हैं। अमौर में 11 निजी नावें, बैसा में 7 नावें और बायसी में 2 नावें लोगों की आवाजाही के लिए चलाई जा रही हैं।

इस व्यवस्था का उद्देश्य जलभराव और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के आवागमन को सुचारू बनाए रखना है।

पशुपालकों के लिए सूखा चारा भी उपलब्ध कराया गया

रूपौली के जलभराव प्रभावित इलाकों में पशुपालकों की सहायता के लिए अब तक 118 क्विंटल सूखा पशुचारा वितरित किया जा चुका है। इसके अलावा जलजमाव वाले क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए रूपौली के सोहरा दियारा में दो अस्थायी शौचालयों का संचालन किया जा रहा है।

जिला प्रशासन का कहना है कि बाढ़ और जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सभी संबंधित अंचल अधिकारियों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।

आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क

प्रशासन ने किसी भी आकस्मिक या आपातकालीन स्थिति में नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। जरूरत पड़ने पर लोग संबंधित अंचल कार्यालय या जिला आपातकालीन संचालन केंद्र से 06454-242317, 06454-242319 और 06454-242320 पर संपर्क कर सकते हैं।

बकरा नदी पर सोनापुर पुल का टूटना और भारी ट्रक का नदी में गिरना बाढ़ के बीच सामने आया गंभीर हादसा है। चालक के सुरक्षित बच निकलने से बड़ी अनहोनी टल गई, लेकिन पुल टूटने के कारण महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है। ऐसे में प्रशासन के सामने प्रभावित क्षेत्र में लोगों की आवाजाही और आपातकालीन व्यवस्था बनाए रखना अहम चुनौती बनी हुई है।