
लखनऊ में UGC विरोध प्रदर्शन।Source : Chrome
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को UGC से जुड़े मुद्दे को लेकर सवर्ण समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी 1090 चौराहे पर एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने बालू अड्डा चौराहे के पास उन्हें रोक दिया।प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में अलग-अलग संदेश लिखी तख्तियां थीं। उन्होंने UGC से जुड़े कानून को वापस लेने की मांग उठाई और सरकार से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की अपील की।
1090 चौराहे से मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारी करीब आधे घंटे तक 1090 चौराहे पर मौजूद रहे। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री आवास की तरफ जाने की कोशिश की। पुलिस ने पहले से ही बालू अड्डा चौराहे के पास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा रखी थी।जैसे ही प्रदर्शनकारी आगे बढ़े, पुलिस बल ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक भी हुई। पुलिस के आगे बढ़ने से रोकने के बाद प्रदर्शनकारियों ने वहीं खड़े होकर नारेबाजी जारी रखी।
सवर्ण सांसदों और विधायकों की सांकेतिक अर्थी
प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग सवर्ण समाज से जुड़े सांसदों और विधायकों की सांकेतिक अर्थी लेकर भी पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों ने नेताओं के खिलाफ नारे लगाए और अपनी नाराजगी जाहिर की।सवर्ण मोर्चा के अध्यक्ष संदीप सिंह ने कहा कि सत्ता में मौजूद सवर्ण समाज के नेताओं से लगातार सवाल किए जा रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि UGC से जुड़े कानून के विरोध में उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों ने कानून को बताया 'काला कानून'
प्रदर्शन में शामिल राहुल सिंह चौहान ने सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित कानून समाज के हित में नहीं है और इसे वापस लिया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज करती है तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएगा।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ भी नारेबाजी
प्रदर्शन के दौरान केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ भी नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को लेकर भी नारेबाजी की।प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आने वाले चुनावों में अपनी ताकत दिखाएंगे। फिलहाल पुलिस की रोक के बाद प्रदर्शनकारी मौके पर ही अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे।
