erer | Source: eerनई दिल्ली। दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में 15 वर्षीय किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने के मामले में पुलिस जांच के दौरान घटना से जुड़ी कई गंभीर बातें सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार, किशोरी अपने परिचित 19 वर्षीय युवक शिवम के भरोसे पर उसके साथ गई थी। आरोप है कि वहां शिवम और उसके तीन नाबालिग साथियों ने किशोरी को जबरन बीयर पिलाई और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस के मुताबिक, जब किशोरी ने घटना की जानकारी पुलिस को देने की बात कही तो आरोपियों ने कथित तौर पर उस पर चाकू से हमला कर दिया।

10 सितंबर की रात हुई थी घटना

पुलिस के अनुसार, घटना 10 सितंबर की रात की है। किशोरी अपने पिता के साथ स्वरूप नगर इलाके में रहती थी। उसकी मां पारिवारिक विवादों के चलते दिल्ली में अलग स्थान पर रहती है। पुलिस ने बताया कि किशोरी की करीब एक वर्ष से शिवम से दोस्ती थी। घटना वाली रात शिवम ने उसे अपने साथ चलने के लिए बुलाया था और उसके तीन नाबालिग दोस्त भी उसके साथ थे।

किशोरी वहां जाने को लेकर हिचकिचा रही थी, लेकिन परिचित युवक पर भरोसा करके वह उसके साथ सुनसान स्थान पर चली गई। पुलिस के अनुसार, इसी जगह पर आरोपियों ने कथित तौर पर उसे जबरन बीयर पिलाई और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद पुलिस को घटना बताने की बात कहने पर उस पर चाकू से हमला किया गया।

हत्या के बाद शव मौके पर छोड़कर भागे आरोपी

पुलिस के मुताबिक, किशोरी की हत्या करने के बाद आरोपी शव को वहीं छोड़कर फरार हो गए। तीन दिन बाद 13 सितंबर की सुबह पुलिस को शव मिलने की सूचना मिली। शव की हालत बेहद खराब थी और उसे कुत्तों तथा सियारों ने नोच दिया था। इसके अलावा शव सड़ने के कारण चेहरे से पहचान करना भी मुश्किल हो गया था।

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को घटनाक्रम और आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली। पुलिस अब मामले में आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी कर रही है।

गुमशुदगी की रिपोर्ट भी नहीं हुई थी दर्ज

पुलिस अधिकारी के अनुसार, किशोरी के परिवार ने उसके लापता होने के बाद तत्काल गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी। बताया गया कि किशोरी पहले भी कई बार घर से चली जाती थी। इसी वजह से 10 सितंबर की रात उसके घर नहीं लौटने को परिवार ने शुरुआत में सामान्य घटना माना।

करीब तीन दिन बाद पुलिस को हत्या की सूचना मिलने पर परिवार को किशोरी के बारे में जानकारी हुई। इसके बाद शव की पहचान की प्रक्रिया शुरू की गई।

चेहरा पहचान में नहीं आया तो हाथ के टैटू से खुला राज

शव की स्थिति खराब होने के कारण पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसकी पहचान करने की थी। पुलिस ने शव की तस्वीरें लीं। किशोरी के हाथ पर तीन स्टार वाला टैटू बना हुआ था। पुलिस जब शव की तस्वीर लेकर उसके घर पहुंची तो उसके पिता ने पहले शव को अपनी बेटी का मानने से इनकार कर दिया।

इसके बाद किशोरी के जीजा के मोबाइल फोन में मौजूद उसकी तस्वीर पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई। उस तस्वीर में किशोरी के हाथ पर बना तीन स्टार वाला टैटू दिखाई दे रहा था। पुलिस ने तस्वीर और शव पर मौजूद टैटू का मिलान किया, जिसके बाद शव की पहचान किशोरी के रूप में होने की पुष्टि हुई।

परिचित युवक पर भरोसा बना घटना की कड़ी

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि किशोरी आरोपी युवक शिवम को पहले से जानती थी और दोनों की करीब एक साल से दोस्ती थी। इसी परिचय और भरोसे के कारण वह उसके साथ सुनसान स्थान तक पहुंची थी। पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं, आरोपियों की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।

मामले में 19 वर्षीय शिवम के अलावा उसके तीन नाबालिग साथियों की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

राहुल गांधी ने उठाया दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा का सवाल

इस घटना को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने राजधानी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाया और पूछा कि महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि दिल्ली में हुई इस गंभीर घटना की जानकारी कई दिनों तक सामने नहीं आ सकी।

सीसीटीवी से लेकर पहचान तक, जांच में कई अहम कड़ियां

इस मामले की जांच में सीसीटीवी फुटेज, शव की पहचान और परिवार के पास मौजूद तस्वीरों को महत्वपूर्ण कड़ियों के तौर पर देखा गया है। पुलिस के अनुसार, तीन दिन बाद शव मिलने के बाद उसकी पहचान करना आसान नहीं था, लेकिन हाथ पर बने टैटू और मोबाइल में मौजूद तस्वीर के मिलान से पुलिस को अहम सफलता मिली।

मामले में आरोप पत्र की तैयारी

पुलिस अब मामले में आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी कर रही है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों को आरोप पत्र में शामिल किया जाएगा। स्वरूप नगर की यह घटना परिचित व्यक्ति पर भरोसे के बाद किशोरी के साथ हुई कथित हिंसा और उसके बाद हत्या के मामले के रूप में पुलिस जांच का विषय बनी हुई है।