नई दिल्ली। घर की छत पर सोलर पैनल लगवाना आज बिजली का खर्च कम करने के लिए एक उपयोगी विकल्प माना जाता है। लेकिन मानसून, तेज आंधी और तूफान के दौरान लोगों के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि क्या तेज हवाओं में छत पर लगे सोलर पैनल टूट या उड़ सकते हैं। सोलर पैनल खराब मौसम को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं और अधिकांश आधुनिक रूफटॉप पैनल पानी से सुरक्षित तथा तेज हवाओं का सामना करने में सक्षम होते हैं। हालांकि, केवल पैनल की मजबूती ही पर्याप्त नहीं है। उसे छत पर किस तरह लगाया गया है, माउंटिंग सिस्टम कितना मजबूत है और आसपास क्या मौजूद है, इसका भी बड़ा महत्व होता है।
तूफान में सोलर पैनल को सबसे ज्यादा खतरा किससे होता है?
छत पर लगे सोलर पैनल सीधे मौसम के संपर्क में रहते हैं। तेज हवा, बारिश, बर्फ और ओले लंबे समय में इनके लिए चुनौती बन सकते हैं। हालांकि, आधुनिक सोलर पैनल सामान्य तौर पर खराब मौसम का सामना करने के लिए डिजाइन किए जाते हैं। कई पैनल तेज हवाओं और ओलों की मार झेलने की क्षमता रखते हैं।
जिन इलाकों में तूफान अधिक आते हैं, वहां सोलर सिस्टम के लिए अपेक्षाकृत कड़े मानकों का पालन किया जा सकता है। ऐसे में पैनल खरीदते और लगवाते समय स्थानीय मौसम की परिस्थितियों तथा सिस्टम की मजबूती पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।
‘मास्टर सीक्रेट’ पैनल नहीं, उसकी मजबूत माउंटिंग है
सोलर पैनल को सुरक्षित रखने में सबसे अहम भूमिका उसके सही इंस्टॉलेशन की होती है। पैनल चाहे जितना मजबूत हो, अगर उसे छत पर ठीक तरीके से नहीं लगाया गया है तो तेज हवा के दौरान नुकसान का खतरा बढ़ सकता है।
इसलिए पैनल के साथ इस्तेमाल होने वाले माउंट, बोल्ट, क्लिप और अन्य इंस्टॉलेशन उपकरणों की मजबूती की जांच जरूरी है। सही तरीके से लगाए गए पैनल और मजबूत माउंटिंग सिस्टम पूरे सोलर सेटअप को खराब मौसम में अधिक टिकाऊ बनाने में मदद करते हैं।
हवा से उड़कर आने वाली चीजें बन सकती हैं बड़ा खतरा
तूफान के दौरान केवल हवा की रफ्तार ही सोलर पैनल के लिए जोखिम नहीं होती। तेज हवा में पेड़ों की शाखाएं, मलबा या अन्य भारी वस्तुएं उड़कर पैनल से टकरा सकती हैं। ऐसी स्थिति में पैनल के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बढ़ जाता है।
2017 में आए तूफानों पर की गई एक रिसर्च में कैरिबियन क्षेत्र के सोलर पैनलों को लेकर यह पाया गया था कि जिन सिस्टमों को नुकसान पहुंचा, उनमें खराब छत कनेक्शन, छत को नुकसान और पैनल से वस्तुओं के टकराने जैसी वजहें देखी गईं। वहीं, कुछ सिस्टम तेज हवाओं के बावजूद छत पर टिके रहे।
कसकर लगाए गए पैनल तूफान में ज्यादा टिकाऊ साबित हुए
तूफानी परिस्थितियों में सोलर पैनल की सुरक्षा में इंस्टॉलेशन की गुणवत्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जिन पैनलों को मजबूत तरीके से बोल्ट किया गया था, उचित क्लिप का इस्तेमाल किया गया था और जिनकी संरचना तेज हवा तथा झटकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई थी, वे कठिन मौसम में भी सुरक्षित रह सके।
इससे यह स्पष्ट होता है कि केवल महंगा या मजबूत पैनल खरीदना ही पर्याप्त नहीं है। उसे छत पर सही तरीके से स्थापित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
तूफान से पहले प्रोफेशनल से जरूर कराएं जांच
अगर आपके घर की छत पर सोलर पैनल लगा है और आपके क्षेत्र में तेज आंधी या तूफान की संभावना रहती है, तो समय-समय पर किसी योग्य प्रोफेशनल से पूरे सिस्टम की जांच करवाना उपयोगी है। खास तौर पर यह देखा जाना चाहिए कि पैनल छत से मजबूती से जुड़े हैं या नहीं और माउंटिंग सिस्टम में कोई ढील या कमजोरी तो नहीं है।
इंस्टॉलेशन के दौरान इस्तेमाल किए गए बोल्ट, क्लिप और अन्य हिस्सों की स्थिति भी जांची जा सकती है। इससे संभावित खराबी को समय रहते पहचानने में मदद मिल सकती है।
सोलर पैनल लगवाते समय मौसम का भी रखें ध्यान
सोलर सिस्टम खरीदते समय केवल बिजली उत्पादन क्षमता या कीमत को ही आधार नहीं बनाना चाहिए। जिस क्षेत्र में सिस्टम लगाया जाना है, वहां के मौसम को भी ध्यान में रखना जरूरी है। जिन इलाकों में तेज हवाएं या तूफान अधिक आते हैं, वहां ऐसे पैनल और माउंटिंग सिस्टम का चयन करना चाहिए जो संबंधित मौसम की परिस्थितियों के अनुरूप हों।
सही उपकरण का चयन और उचित इंस्टॉलेशन लंबे समय तक सोलर सिस्टम की सुरक्षा में मदद कर सकता है।
पेड़ों की टहनियां भी बन सकती हैं खतरा
घर की छत के आसपास बड़े पेड़ हैं तो उनकी शाखाओं पर भी ध्यान देना जरूरी है। तूफान के दौरान कमजोर या सूखी टहनियां टूटकर सोलर पैनल पर गिर सकती हैं और इससे कांच तथा अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंच सकता है।
इसलिए आसपास के पेड़ों की समय-समय पर छंटाई करते रहना एक उपयोगी सावधानी है। खासकर ऐसी शाखाओं को हटाना जरूरी हो सकता है जो तेज हवा में टूटकर पैनल तक पहुंच सकती हैं।
बारिश और ओलों से कितना खतरा?
आधुनिक रूफटॉप सोलर पैनल सामान्य तौर पर बारिश और खराब मौसम को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं। कई पैनल ओलों की टक्कर भी सहन करने में सक्षम होते हैं। हालांकि, बड़े आकार की या तेज रफ्तार से आने वाली वस्तुओं की सीधी टक्कर अलग तरह का जोखिम पैदा कर सकती है।
इसी वजह से पैनल की गुणवत्ता के साथ-साथ उसके आसपास की परिस्थितियों और इंस्टॉलेशन की मजबूती को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
? इन बातों का रखें खास ध्यान
सोलर पैनल को तूफान से होने वाले संभावित नुकसान से बचाने के लिए नियमित रूप से माउंटिंग और कनेक्शन की जांच कराएं। पैनल को मजबूत स्टैंड और उचित बोल्ट-क्लिप के साथ स्थापित कराएं। आसपास के पेड़ों की कमजोर और खतरनाक शाखाओं की छंटाई करते रहें। साथ ही, अपने क्षेत्र के मौसम के अनुसार उपयुक्त सोलर पैनल और इंस्टॉलेशन सिस्टम का चयन करें।
पैनल से ज्यादा जरूरी है सही इंस्टॉलेशन
तेज आंधी या तूफान के दौरान सोलर पैनल के नुकसान का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन सही इंस्टॉलेशन और नियमित जांच से जोखिम को कम किया जा सकता है। मजबूत माउंटिंग, उचित बोल्ट और क्लिप, प्रोफेशनल निरीक्षण तथा आसपास के पेड़ों की नियमित छंटाई सोलर सिस्टम को खराब मौसम से बचाने में महत्वपूर्ण सावधानी साबित हो सकती है।
