RJD पर क्रॉस वोटिंग का आरोप।

RJD पर क्रॉस वोटिंग का आरोप।

झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की हार ने महागठबंधन की एकता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। विधानसभा में पर्याप्त संख्या बल होने के बावजूद कांग्रेस अपने उम्मीदवार को जीत नहीं दिला सकी, जिसके बाद गठबंधन के भीतर क्रॉस वोटिंग को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। चुनाव परिणाम आते ही कांग्रेस समेत कई नेताओं ने सहयोगी दलों की भूमिका पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। इसी बीच बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि राजद विधायकों ने ही कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ क्रॉस वोटिंग की है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है। महागठबंधन के घटक दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, जबकि विपक्ष इस पूरे घटनाक्रम को INDIA गठबंधन की अंदरूनी कमजोरी बता रहा है। ऐसे में प्रणव झा की हार अब केवल एक चुनावी हार नहीं, बल्कि गठबंधन की सियासी सेहत पर उठे गंभीर सवालों का केंद्र बन गई है।

पप्पू यादव ने RJD पर साधा निशाना

पप्पू यादव ने दावा किया कि झारखंड राज्यसभा चुनाव में राजद के विधायकों ने ही क्रॉस वोटिंग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए करोड़ों रुपये के खेल के जरिए वोट प्रभावित किए गए। पप्पू यादव ने कहा कि महागठबंधन के भीतर ही कुछ लोगों ने कांग्रेस उम्मीदवार को हराने की साजिश रची, जिसके कारण संख्या बल होने के बावजूद प्रणव झा चुनाव नहीं जीत सके। उनके इस बयान ने INDIA गठबंधन के भीतर चल रही खींचतान को सार्वजनिक कर दिया है।

कांग्रेस और सहयोगी दलों के बीच बढ़ी खाई

प्रणव झा की हार के बाद कांग्रेस नेताओं ने भी सहयोगी दलों पर सवाल उठाए। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि राजद और CPI(ML) के विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जबकि इन दलों ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। राजद ने कहा कि उसके सभी विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया था और कांग्रेस को पहले अपने भीतर झांकना चाहिए। CPI(ML) ने भी कांग्रेस नेतृत्व को पत्र लिखकर आरोपों को निराधार बताया है।

हार के बाद महागठबंधन की एकजुटता पर सवाल

झारखंड विधानसभा में INDIA गठबंधन के पास पर्याप्त संख्या होने के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार की हार ने गठबंधन की एकजुटता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चुनाव में JMM के बैद्यनाथ राम और NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी विजयी रहे, जबकि प्रणव झा को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल सका। अब क्रॉस वोटिंग के आरोपों के बीच महागठबंधन के घटक दलों के रिश्तों में खटास खुलकर सामने आ रही है और आने वाले चुनावों से पहले यह विवाद गठबंधन के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।