
JPSC-JSSC विवाद पर रांची में प्रदर्शन करते छात्र.
झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। रांची के मोराबादी स्टेडियम में पिछले 22 दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने अब सरकार को 18 अगस्त तक का समय दिया है। छात्रों का कहना है कि अगर उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं हुआ, तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। इसी के साथ पहली बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई है।
20 अगस्त को CM आवास घेरने का ऐलान
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच से जुड़े प्रदर्शनकारी छात्रों ने आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया है। छात्रों ने कहा है कि सरकार को उनकी मांगों पर 18 अगस्त तक फैसला लेना होगा। ऐसा नहीं होने पर 20 अगस्त को रांची में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।छात्रों के मुताबिक, सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बावजूद उनकी सभी मांगों पर सहमति नहीं बन पाई है। इसी वजह से अब आंदोलन को राज्य स्तर पर और व्यापक करने की तैयारी है।
पहली बार हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग
आंदोलन के दौरान छात्रों ने पहली बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग उठाई है। इसके अलावा छात्रों ने रविवार को झारखंड के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाने का भी ऐलान किया है।इससे पहले 10 अगस्त को प्रदर्शनकारी छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर झारखंड विधानसभा का घेराव किया था।
क्या चाहते हैं प्रदर्शनकारी छात्र?
छात्र JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में CBI जांच, JSSC-CGL परीक्षा रद्द करना और JPSC-JSSC की व्यवस्था में सुधार शामिल हैं।आंदोलन से जुड़े छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी इन मांगों को लेकर लंबे समय से भूख हड़ताल पर हैं।
सरकार ने कुछ मांगें मानीं, लेकिन विवाद खत्म नहीं
हेमंत सोरेन सरकार ने छात्रों की कुछ मांगों को स्वीकार किया है। इनमें 19 अप्रैल को आयोजित 14वीं JPSC संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने का फैसला भी शामिल है। हालांकि, बाकी मांगों को लेकर छात्रों का विरोध जारी है।छात्रों का कहना है कि केवल कुछ फैसलों से उनकी पूरी समस्या का समाधान नहीं हुआ है और वे भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार चाहते हैं।
CBI जांच पर अड़े छात्र
भर्ती परीक्षा विवाद में जांच का मुद्दा भी लगातार चर्चा में है। JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी और TSR Data Processing Private Limited से जुड़े मामले की जांच राज्य CID कर रही है।सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि प्रवर्तन निदेशालय यानी ED भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जांच करेगा। लेकिन प्रदर्शनकारी छात्र CBI से जांच कराने की मांग पर कायम हैं।अब सबकी नजर 18 अगस्त की समयसीमा पर है। अगर सरकार और छात्रों के बीच इस दौरान कोई समाधान नहीं निकलता है, तो 20 अगस्त का प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव झारखंड में आंदोलन को एक नया राजनीतिक मोड़ दे सकता है।
