1रांची: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन सोमवार को और उग्र हो गया। हजारों प्रदर्शनकारी छात्रों ने विधानसभा घेराव के लिए मार्च किया। इस दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग कर छात्रों को रोकने की कोशिश की और वॉटर कैनन, आंसू गैस के गोले तथा लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों की ओर से भी पुलिस पर चप्पलें और पानी की खाली बोतलें फेंकने की खबर सामने आई है। इसी बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार को बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए कहा कि अगर छात्रों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो मुख्यमंत्री की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है।

विधानसभा मार्च के दौरान देवेंद्र नाथ महतो का बड़ा बयान

भूख हड़ताल के बीच देवेंद्र नाथ महतो भी एंबुलेंस से विधानसभा मार्च में पहुंचे। उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य उनकी अपनी सेहत से ज्यादा महत्वपूर्ण है। महतो ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है और प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ छात्रों की तीन दौर की बातचीत हो चुकी है और अब उनकी मांगों को पूरा किया जाना चाहिए।महतो ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर छात्रों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो सीएम पद खतरे में पड़ जाएगा और सरकार हिल जाएगी। उन्होंने इसे अब महज छात्रों का आंदोलन नहीं बल्कि जन आंदोलन बताया और कहा कि यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।  

JPSC-JSSC की परीक्षाओं की CBI जांच की मांग

प्रदर्शनकारी छात्र JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में JSSC-CGL समेत विवादित परीक्षाओं की CBI जांच और दोनों आयोगों में व्यापक सुधार शामिल हैं। सोमवार को प्रदर्शनकारी छात्र झारखंड विधानसभा के बाहर तक पहुंच गए और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।इसी बीच JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. खियांगते की गिरफ्तारी भी हुई है। CID ने उन्हें सोमवार को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई जब हजारों अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विधानसभा की ओर मार्च कर रहे थे।  

पुलिस की कार्रवाई के बीच बढ़ा तनाव

रांची में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग की थी। छात्रों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज भी हुआ। दूसरी ओर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग को गलत बताते हुए कहा कि उन्हें शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और बातचीत से समाधान निकाला जाना चाहिए।छात्र नेता लगातार मांग कर रहे हैं कि परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच हो और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। फिलहाल सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच गतिरोध बना हुआ है और विधानसभा घेराव के बाद आंदोलन के आगे और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।