JPSC-JSSC आंदोलन के बीच उम्मे हबीबा की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें रांची के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अस्पताल में भी उन्होंने खाना खाने से इनकार कर दिया और सरकार से छात्रों की मांगों पर ठोस कार्रवाई की अपील की.
Jharkhand Student Protest: 13 दिन से भूख हड़ताल पर बैठी हबीबा की बिगड़ी हालत, अस्पताल से हेमंत सोरेन-राहुल गांधी से क्यों लगाई गुहार?Source : Patrika news.com
झारखंड में JPSC-JSSC की कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है. इसी बीच 13 दिनों से आमरण अनशन पर बैठी उम्मे हबीबा की तबीयत बिगड़ गई है. उन्हें रांची के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हालांकि अस्पताल पहुंचने के बाद भी उन्होंने अपना अनशन खत्म नहीं किया और खाना खाने से इनकार कर दिया.
बोकारो जिले के कसमार की रहने वाली उम्मे हबीबा ने अस्पताल से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी से छात्रों की मांगों पर ध्यान देने की अपील की है. उन्होंने बताया कि लगातार अनशन के दौरान उनका वजन करीब सात से आठ किलो कम हो गया है.
लगातार कमजोर हो रहा शरीर, लेकिन हौसला कायम
उम्मे हबीबा ने कहा कि अनशन की वजह से उनका शरीर लगातार कमजोर हो रहा है. उन्हें यह भी नहीं पता कि वह कितने दिनों तक इस लड़ाई को जारी रख पाएंगी. हालांकि उन्होंने साफ किया कि शारीरिक कमजोरी के बावजूद उनका हौसला कम नहीं हुआ है.
हबीबा के मुताबिक छात्रों का आंदोलन किसी सरकार या व्यक्ति के खिलाफ नहीं है, बल्कि भर्ती और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आंदोलन कर रहे छात्रों की बात सुनने और उनके अधिकारों की रक्षा करने की अपील की.
उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री की ओर से कोई ठोस आश्वासन मिलता है तो वह अपना अनशन खत्म करने पर विचार कर सकती हैं.
राहुल गांधी से भी की रांची आने की अपील
उम्मे हबीबा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी रांची आने और आंदोलनकारी छात्रों तथा अस्पताल में भर्ती अनशनकारियों से मिलने की अपील की. उन्होंने कहा कि झारखंड में कांग्रेस गठबंधन सरकार का हिस्सा है, इसलिए छात्रों के मुद्दे पर पार्टी की भी जिम्मेदारी बनती है.
हबीबा ने सरकार के उस दावे पर भी असहमति जताई, जिसमें आंदोलनकारियों की 98 प्रतिशत मांगें मान लिए जाने की बात कही गई है. उनके अनुसार करीब 80 प्रतिशत मांगें ही मानी गई हैं और कई महत्वपूर्ण मुद्दे अभी बाकी हैं.
JPSC-JSSC की कथित गड़बड़ियों पर क्या है मांग?
हबीबा ने बताया कि सरकार ने 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की बात स्वीकार की है, लेकिन TDPL एजेंसी और भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों से जुड़े कई मुद्दों पर अभी समाधान नहीं हुआ है.
आंदोलनकारी छात्र भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच CID के बजाय CBI से कराने की मांग कर रहे हैं. हबीबा ने कहा कि पहले की CID जांचों को लेकर छात्रों में भरोसे की कमी है, इसलिए वे CBI जांच की मांग कर रहे हैं.
23वें दिन आंदोलन तेज करने का ऐलान
छात्र आंदोलन अब 23वें दिन में पहुंच चुका है. इसी बीच JPSC-JSSC सुधार मंच ने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है. मंच ने चेतावनी दी है कि अगर छात्रों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की जाएगी.
अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उम्मे हबीबा का अनशन जारी रहना आंदोलन की गंभीरता को दिखाता है. अब छात्रों की नजर सरकार की अगली कार्रवाई और मुख्यमंत्री की ओर से मिलने वाले संभावित आश्वासन पर है.
