erer | Source: erererनई दिल्ली। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मातृभूमि की रक्षा में अदम्य साहस और असाधारण वीरता दिखाने वाले रक्षा बलों तथा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों के लिए 78 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी है। इन वीरता पुरस्कारों में 13 सम्मान मरणोपरांत दिए जाएंगे। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद जारी की गई सूची में 9 कीर्ति चक्र और 19 शौर्य चक्र शामिल हैं। इसके अलावा शौर्य चक्र बार, सेना मेडल (वीरता), नौसेना मेडल (वीरता) और वायु सेना मेडल (वीरता) भी प्रदान किए जाएंगे।

देश के वीरों को स्वतंत्रता दिवस से पहले बड़ा सम्मान

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इन वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी। ये सम्मान उन सैन्यकर्मियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान को सम्मानित करते हैं, जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए असाधारण वीरता का प्रदर्शन किया।

इस बार घोषित वीरता पुरस्कारों में 9 कीर्ति चक्र शामिल हैं। इनमें से 7 कीर्ति चक्र मरणोपरांत प्रदान किए जाएंगे। कीर्ति चक्र भारत का शांति के समय दिया जाने वाला दूसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है। शांति के समय वीरता के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार अशोक चक्र है, जबकि कीर्ति चक्र के बाद शौर्य चक्र को तीसरा सबसे बड़ा शांति कालीन वीरता पुरस्कार माना जाता है।

9 वीरों को मिलेगा कीर्ति चक्र, सात सम्मान मरणोपरांत

कीर्ति चक्र से सम्मानित किए जाने वाले वीरों में सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल मानियो फ्रांसिस, सेना के मेजर जितेंद्र राठी, सेना के हवलदार गजेंद्र सिंह शामिल हैं। हवलदार गजेंद्र सिंह को यह सम्मान मरणोपरांत दिया जा रहा है।

कीर्ति चक्र पाने वालों में गृह मंत्रालय के जगबीर सिंह, हेड कांस्टेबल, मरणोपरांत; जसवंत सिंह, कांस्टेबल, मरणोपरांत; बलविंदर सिंह, कांस्टेबल, मरणोपरांत; तारिक हुसैन, कांस्टेबल, मरणोपरांत; बशीर अहमद, हेड कांस्टेबल, मरणोपरांत और सुनील कुमार, इंस्पेक्टर, मरणोपरांत शामिल हैं।

इन नामों में सेना के जवानों के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से जुड़े कर्मियों को भी शामिल किया गया है। सात वीरों को यह सर्वोच्च सम्मान उनके बलिदान के बाद दिया जा रहा है, जो देश की सुरक्षा के लिए उनके सर्वोच्च त्याग को दर्शाता है।

मेजर आदित्य प्रताप सिंह को दूसरी बार शौर्य चक्र

इस वीरता पुरस्कार सूची में सेना के राजपुताना राइफल्स के मेजर आदित्य प्रताप सिंह का नाम भी खास तौर पर सामने आया है। उन्हें शौर्य चक्र ‘बार’ से सम्मानित किया जाएगा। वह फिलहाल 44 असम राइफल्स में तैनात हैं। उनके नाम के साथ सेना मेडल भी दर्ज है।

मेजर आदित्य प्रताप सिंह को इससे पहले जून 2026 में भारत-म्यांमार सीमा पर उग्रवादियों के खिलाफ चलाए गए एक साहसिक अभियान के दौरान अद्वितीय वीरता दिखाने के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया जा चुका है। अब उनके एक और असाधारण वीरतापूर्ण कार्य के लिए शौर्य चक्र ‘बार’ प्रदान किया जाएगा।

19 रणबांकुरों को शौर्य चक्र से सम्मान

वीरता पुरस्कारों की सूची में 19 शौर्य चक्र भी शामिल हैं। शौर्य चक्र पाने वाले वीरों में सेना के मेजर परमवीर, मेजर तरुण वासुदेवन, मेजर केशव कुमार, मेजर गौरव सिंह बृजवाल और मेजर विपीन कुमार शामिल हैं।

इसके अलावा सेना के नायब सूबेदार शंकर राम, नायब सूबेदार डब्बल सिंह बिष्ट, हवलदार जगत्तर सिंह, लांस नायक नरेंद्र सिंधु, लांस नायक कपिल देव और सिपाही जसविंदर सिंह को भी शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा।

सेना के साथ नौसेना, वायुसेना और केंद्रीय बलों के वीर भी सूची में

शौर्य चक्र पाने वालों में नौसेना के लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम कुमार और वायु सेना के स्क्वाड्रन लीडर सुधीर कुमार भी शामिल हैं। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और पुलिस से जुड़े कर्मियों को भी इस सूची में स्थान मिला है।

गृह मंत्रालय के धीरज सिंह कटोच, पुलिस उपाधीक्षक; अजय सिंह चिब, इंस्पेक्टर; सुखवीर सिंह, पुलिस उपाधीक्षक; नियाज अहमद, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर; अंजनी कुमार, डिप्टी कमांडेंट और दीपक साह, कांस्टेबल को भी शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा। उपलब्ध सूची के अनुसार 19 शौर्य चक्र विजेताओं में एक सम्मान मरणोपरांत दिया जाएगा।

अन्य वीरता पुरस्कारों में भी बड़ी संख्या में सम्मान

राष्ट्रपति ने शौर्य चक्र और कीर्ति चक्र के अलावा अन्य वीरता पुरस्कारों को भी मंजूरी दी है। इनमें एक शौर्य चक्र बार, 36 सेना मेडल (वीरता), तीन नौसेना मेडल (वीरता) और पांच वायु सेना मेडल (वीरता) शामिल हैं। सेना मेडल (वीरता) से जुड़े पुरस्कारों में मरणोपरांत सम्मान और ‘बार’ का भी उल्लेख किया गया है।

इस तरह स्वतंत्रता दिवस से पहले घोषित वीरता पुरस्कारों में थल सेना, नौसेना, वायु सेना तथा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से जुड़े कर्मियों के साहस को सम्मानित किया गया है। इन पुरस्कारों के माध्यम से देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए कठिन परिस्थितियों में कर्तव्य निभाने वाले जवानों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिया जाएगा।

आखिर वीरता पुरस्कार में ‘बार’ क्यों दिया जाता है?

वीरता पुरस्कारों में ‘बार’ शब्द का विशेष महत्व होता है। इसका उपयोग तब किया जाता है, जब किसी वीर को पहले ही किसी विशेष वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका हो और बाद में वह फिर ऐसा असाधारण वीरतापूर्ण कार्य करे, जो उसी पुरस्कार के लिए योग्य माना जाए।

ऐसी स्थिति में उसी पुरस्कार का दूसरा अलग पदक देने के बजाय मूल पुरस्कार के साथ ‘बार’ प्रदान किया जाता है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी सैन्यकर्मी को पहले शौर्य चक्र मिल चुका है और बाद में वह फिर ऐसी असाधारण वीरता दिखाता है, जिसके लिए शौर्य चक्र के स्तर का सम्मान निर्धारित होता है, तो उसके पहले शौर्य चक्र के साथ ‘बार’ प्रदान किया जाता है।

मरणोपरांत सम्मान शहीदों के सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाएगा

इस वर्ष घोषित पुरस्कारों में मरणोपरांत सम्मानों की संख्या भी महत्वपूर्ण है। कुल 78 वीरता पुरस्कारों में 13 पुरस्कार मरणोपरांत दिए जाने हैं। इनमें कीर्ति चक्र के सात सम्मान भी शामिल हैं। ऐसे सम्मान उन जवानों के सर्वोच्च बलिदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करते हैं, जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इन वीरता पुरस्कारों की घोषणा का विशेष महत्व है। देश जब अपनी आजादी की 80वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है, उसी समय मातृभूमि की रक्षा में असाधारण साहस दिखाने वाले जवानों को सम्मानित किया जा रहा है। यह सम्मान देश की सुरक्षा में जुटे सैन्यकर्मियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण को सामने लाता है।

पुरस्कारों की प्रमुख सूची एक नजर में

इस बार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कुल 78 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी है। इनमें 9 कीर्ति चक्र शामिल हैं, जिनमें 7 मरणोपरांत हैं। एक वीर को शौर्य चक्र ‘बार’ दिया जाएगा। 19 वीरों को शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा, जिनमें एक सम्मान मरणोपरांत है। इसके अलावा 36 सेना मेडल (वीरता), तीन नौसेना मेडल (वीरता) और पांच वायु सेना मेडल (वीरता) को मंजूरी दी गई है।

इन पुरस्कारों में ‘बार’ का प्रावधान विशेष रूप से उन वीर जवानों के लिए है, जिन्होंने पहले भी समान स्तर का वीरता सम्मान हासिल किया है और उसके बाद दोबारा असाधारण साहस का प्रदर्शन किया है।

स्वतंत्रता दिवस से पहले वीरता और बलिदान को सलाम

राष्ट्रपति की ओर से मंजूर किए गए ये वीरता पुरस्कार देश की रक्षा में जुटे जवानों के साहस और बलिदान को सम्मान देने का महत्वपूर्ण अवसर हैं। सूची में थल सेना, नौसेना, वायु सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों को शामिल किया गया है। विशेष रूप से मरणोपरांत दिए जाने वाले पुरस्कार उन वीरों की स्मृति को सम्मानित करते हैं, जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित इन वीरता पुरस्कारों ने एक बार फिर यह सामने रखा है कि देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले जवान किस तरह कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित रहते हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के साथ घोषित 78 वीरता पुरस्कारों में कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र, शौर्य चक्र ‘बार’, सेना मेडल, नौसेना मेडल और वायु सेना मेडल शामिल हैं। इन सम्मानों के जरिए देश अपने उन रणबांकुरों के साहस, वीरता और बलिदान को नमन कर रहा है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।