शिक्षक दिवस हर साल 5 सितंबर को देशभर में मनाया जाता है। यह दिन विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षकों के योगदान, मार्गदर्शन और समर्पण के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर देता है। स्कूलों और कॉलेजों में इस मौके पर भाषण, निबंध, कविता पाठ और विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। अगर आप भी शिक्षक दिवस 2026 के कार्यक्रम में अपने गुरु के लिए कुछ खास प्रस्तुत करना चाहते हैं, तो भावपूर्ण कविता से बेहतर तरीका शायद ही कोई हो।
शिक्षक सिर्फ पढ़ाते नहीं, जीवन की राह भी दिखाते हैं
माता-पिता के बाद शिक्षक ही बच्चों को जीवन में सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि उन्हें सही और गलत के बीच अंतर समझने, अनुशासन का महत्व जानने और अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। यही वजह है कि शिक्षक दिवस पर गुरु के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त करने के लिए कविता पाठ को खास महत्व दिया जाता है।
नीचे दी गई कविताओं का इस्तेमाल शिक्षक दिवस के स्कूल या कॉलेज कार्यक्रम में किया जा सकता है। विद्यार्थी इन्हें मंच से सुनाकर अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान जाहिर कर सकते हैं। इन्हें शिक्षक दिवस की शुभकामना के तौर पर अपने गुरु को भेजा भी जा सकता है।
1. ‘तुम हमको इंसान बनाते’—गुरु के योगदान को समर्पित भावपूर्ण कविता
तुम हमको इंसान बनाते,
सही गलत का भेद बताते।
ज्ञान की ज्योति जलाकर मन में,
अज्ञानता का तम मिटाते॥
ढाल बनाकर अनुशासन को,
संवारते हो तुम जीवन को।
शत-शत नमन तुम्हारे पद में,
अर्पित है यह जीवन तुमको॥
यह कविता शिक्षक के उस योगदान को सामने रखती है, जिसमें वह विद्यार्थी को केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उसके व्यक्तित्व और चरित्र को भी निखारते हैं। शिक्षक दिवस के मंच पर इसे भावपूर्ण अंदाज में प्रस्तुत किया जा सकता है।
2. ‘गुरुवर को नमन’—गुरु के प्रति सम्मान जताने वाली कविता
तुमने दी हमको पहचान,
तुमने ही बख्शा यह ज्ञान।
तुमसे पाई हमने शिक्षा,
तुमसे ही बदली यह दिशा॥
जब-जब भटके हम राहों में,
थामा हाथ अपनी बांहों में।
ऐसे गुरु को करें प्रणाम,
जिनके कारण ऊंचा नाम॥
इस कविता में शिक्षक को विद्यार्थी के जीवन का मार्गदर्शक बताया गया है। जब कोई छात्र अपने लक्ष्य या जीवन की राह को लेकर भ्रमित होता है, तब शिक्षक उसका मार्गदर्शन करते हैं। ऐसे गुरु के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए यह कविता प्रभावी हो सकती है।
3. ‘गुरु की महिमा’—घनश्याम मैथिल की कविता में ज्ञान और संस्कार का संदेश
गुरु की महिमा निशि-दिन गाएं,
हर दम उनको शीश नवाएं।
जीवन में उजियारा भर लें,
अंधकार को मार भगाएं।
सत्य मार्ग पर चलना बच्चों,
गुरुदेव हमको सिखलाएं।
पर्यावरण बिगड़ न पाए,
धरती पर हम वृक्ष लगाएं।
पानी अमृत है धरती का,
बूंद-बूंद हम रोज बचाएं।
सिर्फ जिएं न अपनी खातिर,
काम दूसरों के भी आएं।
मात, पिता, गुरु, राष्ट्र की सेवा,
यह संकल्प सदा दोहराएं।
बातें मानें गुरुदेव की,
अपना जीवन सफल बनाएं।
घनश्याम मैथिल की यह कविता गुरु की महिमा के साथ विद्यार्थियों को जिम्मेदारी और अच्छे संस्कारों का संदेश भी देती है। इसमें सत्य के रास्ते पर चलने, पर्यावरण की रक्षा करने, पानी बचाने और समाज के काम आने की प्रेरणा दी गई है।
4. ‘गुरु आपकी ये अमृत वाणी’—सुजाता मिश्रा की रचना में गुरु के संदेश की अहमियत
गुरु आपकी ये अमृत वाणी
हमेशा मुझको याद रहे
जो अच्छा है जो बुरा है
उसकी हम पहचान करें
मार्ग मिले चाहे जैसा भी
उसका हम सम्मान करें
दीप जले या अंगारे हों
पाठ तुम्हारा याद रहे
अच्छाई और बुराई का
जब भी हम चुनाव करें
गुरु आपकी ये अमृत वाणी
हमेशा मुझको याद रहे
सुजाता मिश्रा की यह कविता बताती है कि शिक्षक की कही हुई अच्छी बातें विद्यार्थी के जीवन में लंबे समय तक मार्गदर्शन करती रहती हैं। कविता में गुरु के संदेशों को याद रखते हुए अच्छे और बुरे के बीच सही चुनाव करने की प्रेरणा दी गई है।
5. ‘ज्ञान की बातें जो सिखलाता’—धारणी सोनवानी की कविता में गुरु और संस्कारों की तस्वीर
ज्ञान की बातें जो सिखलाता,
गुरु हमारा वह कहलाता।
ज्ञान दीप की ज्योति देकर,
अंधकार को दूर भगाता।
संस्कार सिखलाए गुरु जी,
बड़ों का मान बतलाए गुरुजी।
अनुशासन भी वो सिखलाते,
त्याग समर्पण वह बतलाते।
सबको ज्ञान बांटते जाते,
अपना ज्ञान बढ़ाते जाते।
उनकी ताकत होती कलम,
कलम नहीं किसी से कम।
विद्यालय है घर जैसा,
हम सब उनके बच्चे जैसे।
एक साथ रहना बतलाए,
सबसे स्नेह करना सिखलाए।
उनके चरण कमल को मैं,
सत-सत नमन करती जाऊं।
ज्ञान दीप की ज्योति लेकर,
उनका मैं गौरव बन जाऊं।
यह कविता गुरु को ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और स्नेह का स्रोत बताती है। इसमें विद्यालय को घर जैसा और विद्यार्थियों को परिवार के सदस्यों जैसा बताया गया है। शिक्षक के प्रति आभार और सम्मान व्यक्त करने के लिए यह कविता भी शिक्षक दिवस के कार्यक्रम में प्रस्तुत की जा सकती है।
शिक्षक दिवस पर कविता से कहें वह बात, जो शब्दों में कहना मुश्किल होता है
कई बार विद्यार्थी अपने शिक्षक के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना सीधे शब्दों में व्यक्त नहीं कर पाते। कविता इसी भावना को सहज और प्रभावी तरीके से सामने रखने का माध्यम बन सकती है। मंच पर कविता पाठ के दौरान विद्यार्थी अपने गुरु के प्रति प्रेम, सम्मान और आभार व्यक्त कर सकते हैं।
स्कूल-कॉलेज की प्रतियोगिता में भी आएंगी काम
शिक्षक दिवस के अवसर पर होने वाली कविता पाठ, भाषण और अन्य प्रतियोगिताओं में इन कविताओं का उपयोग किया जा सकता है। विद्यार्थी अपनी प्रस्तुति के अनुसार कविता का चयन कर सकते हैं और शुरुआत या समापन में गुरु के प्रति सम्मान व्यक्त करने वाली पंक्तियां जोड़ सकते हैं।
शिक्षक दिवस 2026 पर अपने गुरु को दें सम्मान
शिक्षक विद्यार्थियों को ज्ञान देने के साथ उनके व्यक्तित्व को आकार देने और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। शिक्षक दिवस इसी योगदान के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का विशेष अवसर है। इन कविताओं के जरिए छात्र अपने शिक्षकों तक वह भावना पहुंचा सकते हैं, जिसे सामान्य बातचीत में व्यक्त करना कई बार मुश्किल होता है। यही वजह है कि गुरु के सम्मान में कही गई कुछ भावपूर्ण पंक्तियां शिक्षक दिवस के कार्यक्रम को यादगार बना सकती हैं।
