गांधी मैदान से विधानसभा तक पदयात्रा

गांधी मैदान से विधानसभा तक पदयात्रा


पटना, 5 सितंबर। शिक्षक दिवस के मौके पर बिहार में वित्तरहित शिक्षकों का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक प्रदर्शन के केंद्र में रहा। बिहार कांग्रेस सेवा दल की ओर से शनिवार को वित्तरहित शिक्षा नीति के विरोध और शिक्षकों की मांगों के समर्थन में गांधी मैदान स्थित गांधी मूर्ति से विधानसभा के शहीद स्मारक तक कफन पदयात्रा निकाली गई। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कांग्रेस सेवा दल के अध्यक्ष डॉ. संजय यादव, सेवा दल के प्रभारी अफरोज आलम, मीडिया चेयरमैन राजेश राठौड़, रुचि सिंह समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं और आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर लिया।

पदयात्रा में बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम, कांग्रेस सेवा दल के अध्यक्ष डॉ. संजय यादव, सेवा दल प्रभारी अफरोज आलम, मीडिया चेयरमैन राजेश राठौड़ के अलावा बड़ी संख्या में वित्तरहित शिक्षक नेता, शिक्षक और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों ने वित्तरहित शिक्षकों की लंबित समस्याओं के तत्काल समाधान और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था में मौजूद असमानता को खत्म करने की भी मांग उठाई।


गिरफ्तारी पर सरकार को घेरा

पुलिस कार्रवाई के बाद कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने सरकार पर शिक्षकों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस के दिन शिक्षकों और शिक्षक नेताओं की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उनके अनुसार, सरकार को आंदोलन कर रहे शिक्षकों की समस्याएं सुनकर समाधान की दिशा में कदम उठाना चाहिए, न कि दमनात्मक कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वित्तरहित शिक्षकों के अधिकारों की लड़ाई में कांग्रेस उनके साथ खड़ी है और यह संघर्ष सड़क से सदन तक जारी रहेगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने भी सरकार पर शिक्षकों के अधिकारों और सम्मान की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वित्तरहित शिक्षक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर सरकार गंभीर नजर नहीं आ रही है। कांग्रेस ने शिक्षकों के आंदोलन को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई।


वार्ता कर समाधान की मांग

कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय यादव ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किए बिना बिहार के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने सरकार से प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई रोकने और वित्तरहित शिक्षकों के साथ तत्काल वार्ता करने की मांग की। उनका कहना था कि शिक्षकों की मांगों का न्यायपूर्ण समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए।

वहीं, कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने वित्तरहित शिक्षकों के साथ हो रहे कथित अन्याय को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और सरकार से उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की।