
Nitin Nabin
पटना। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बिहार प्रवास के दूसरे दिन शनिवार को शिक्षक दिवस और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर पटना में आयोजित कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अपने पुराने विद्यालय ज्ञान निकेतन में विद्यार्थियों से मुलाकात की और पद्मश्री आचार्य किशोर कुणाल की प्रतिमा का अनावरण किया। बच्चों के बीच टॉफियां भी वितरित की गईं।
ज्ञान निकेतन से जुड़ी पुरानी यादें साझा कीं
विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में नितिन नबीन ने अपने छात्र जीवन को याद किया। उन्होंने कहा कि जिस विद्यालय में उनकी पहली शिक्षा हुई, वहीं शिक्षक दिवस के अवसर पर कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए भावनात्मक अनुभव है।
पहले बैच में हुए थे शामिल
उन्होंने बताया कि आचार्य किशोर कुणाल ने जब ज्ञान निकेतन की परिकल्पना की थी, उस समय नेतहराट के वाइस प्रिंसिपल जे.एन. डे विद्यालय के पहले प्रिंसिपल बने थे। नितिन नबीन ने कहा कि वे स्वयं ज्ञान निकेतन के पहले बैच के विद्यार्थियों में शामिल थे।
कंकड़बाग से हुई थी शुरुआत
नितिन नबीन ने कहा कि ज्ञान निकेतन की शुरुआत कंकड़बाग से हुई थी। इस विद्यालय से शिक्षा लेकर निकले बिहार के अनेक युवा आज देश के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं।
कुणाल की प्रतिमा विद्यार्थियों को देगी प्रेरणा
आचार्य किशोर कुणाल की प्रतिमा के अनावरण पर उन्होंने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि प्रतिमा उनके व्यक्तित्व और कार्यों को आने वाली पीढ़ियों तक याद रखने का माध्यम बनेगी। इससे विद्यार्थियों को प्रेरणा मिलेगी कि वे भविष्य में ऐसे सक्षम अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता बनें, जो समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलें।
‘राजनीति में आने से पहले मिला आशीर्वाद’
नितिन नबीन ने आचार्य किशोर कुणाल के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीति में आने से पहले उन्हें एक छात्र और शिष्य के तौर पर उनका आशीर्वाद मिला था।
गांधी मैदान में कृष्ण महोत्सव में हुए शामिल
ज्ञान निकेतन के कार्यक्रम के बाद भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष गांधी मैदान में आयोजित कृष्ण महोत्सव-2026 में पहुंचे। उन्होंने यहां लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार प्रवास के दौरान उन्हें स्थानीय लोगों और परिवार के साथ जन्माष्टमी मनाने का अवसर मिला।
‘भजन क्लबिंग’ से जुड़ रही युवा पीढ़ी
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस उल्लेख का हवाला दिया, जिसमें युवाओं के नए तरीकों के जरिए अपनी परंपराओं से जुड़ने की बात कही जाती है। उन्होंने ‘भजन क्लबिंग’ का उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार भी इस सांस्कृतिक पहल में आगे रहेगा।
पटना को मथुरा जैसी पहचान मिलने की उम्मीद
नितिन नबीन ने पटना में जन्माष्टमी के भव्य आयोजन का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों को देखकर भविष्य में पटना को भी मथुरा की तरह देखा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास हो रहा है।
नई पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ने पर जोर
उन्होंने बिहार को ऊर्जा और ज्ञान का स्रोत बताते हुए कहा कि नई पीढ़ी को भजन-कीर्तन सहित सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है। इससे पुरानी परंपराओं को नए स्वरूप में आगे बढ़ाया जा सकेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि बिहार इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
दही-हांडी आयोजन का भी किया जिक्र
कृष्ण महोत्सव के दौरान नितिन नबीन ने दही-हांडी कार्यक्रम की चर्चा की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से दही-हांडी के जरिए एक नई पहल शुरू हुई है। उन्होंने आयोजन समिति और दही-हांडी फोड़ने में शामिल युवाओं को शुभकामनाएं दीं।
कर्म और मेहनत का दिया संदेश
नितिन नबीन ने कहा कि बिहार की ऊर्जा उसकी मेहनत और परिश्रम से आगे बढ़ती है। जन्माष्टमी के अवसर पर उन्होंने लोगों से कर्म को प्राथमिकता देने और मेहनत पर विश्वास रखते हुए आगे बढ़ने की अपील की।
उन्होंने कामना की कि पटना इसी तरह सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से आगे बढ़ता रहे और बिहार विकास के रास्ते पर लगातार आगे बढ़े।
कार्यक्रम में बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, बिहार सरकार के मंत्री राम कृपाल यादव सहित अन्य नेता और आयोजन समितियों के सदस्य मौजूद रहे।
