अरुणाचल प्रदेश से सामने आया एक वायरल वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है। वीडियो में एक स्थानीय युवक संगीत और व्यंग्य के जरिए भारत-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे पर अपनी चिंता जाहिर करता दिखाई दे रहा है। वीडियो के साथ Goodbye India? जैसे शब्द लिखे गए हैं, जिसके बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से लोगों का ध्यान खींच रहा है।
वीडियो को लेकर लोगों की दिलचस्पी ऐसे समय में बढ़ी है, जब अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले के तवसिंग (Taksing) इलाके से चीन की कथित गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों की ओर से गंभीर दावे सामने आए हैं।
हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि वायरल वीडियो में कही गई बातों को सीधे तौर पर तथ्य नहीं माना जा सकता। असल मामला स्थानीय संगठन के आरोपों और भारतीय सेना के जवाब से जुड़ा हुआ है।
जून 2026 में Nah Welfare Society ने अपर सुबनसिरी के डिप्टी कमिश्नर को एक ज्ञापन दिया था। संगठन ने आरोप लगाया कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी PLA ने सीमा के पास कुछ ऐसे इलाकों में अपनी मौजूदगी बढ़ाई है, जिन्हें स्थानीय लोग लंबे समय से चरागाह, शिकार और खेती के लिए इस्तेमाल करते रहे हैं।
संगठन ने Oying, Paniar, Marpan, Potrang Lake और Tindingtang जैसे इलाकों का नाम भी लिया। इसके अलावा वहां सड़क, पुल और सैन्य कैंप बनाए जाने का आरोप लगाया गया।
स्थानीय संगठन का कहना है कि इन गतिविधियों को लेकर वहां रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ रही है। उनका कहना है कि जिन जगहों पर वे पहले आसानी से जाते थे, वहां अब पहुंचना मुश्किल हो गया है।
भारतीय सेना ने आरोपों को बताया गलत
इन दावों के बाद मामला और गंभीर हो गया। भारतीय सेना ने 29 जून 2026 को इन खबरों का खंडन किया। सेना ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में चीनी PLA की ओर से हाल में घुसपैठ या कैंप बनाए जाने से जुड़ी रिपोर्ट गलत और बिना आधार की हैं।
यानी एक तरफ स्थानीय संगठन अपनी चिंता और आरोप सामने रख रहा है, जबकि दूसरी तरफ सेना इन आरोपों को खारिज कर रही है।
इसी वजह से इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें चल रही हैं। अरुणाचल प्रदेश सरकार ने भी मामले की जांच की बात कही थी, ताकि दावों की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
सीमा का मुद्दा क्यों संवेदनशील है?
अरुणाचल प्रदेश भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद का एक अहम हिस्सा है। दोनों देशों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC को लेकर कई इलाकों में मतभेद हैं।
ऐसे में सीमा से जुड़ी कोई भी खबर बहुत तेजी से लोगों का ध्यान खींचती है। खासकर जब किसी स्थानीय व्यक्ति की ओर से वीडियो बनाकर अपनी चिंता जाहिर की जाती है, तो सोशल मीडिया पर उसका असर और ज्यादा दिखाई देता है।
फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर सबसे जरूरी बात यही है कि वीडियो में किए गए दावों और सोशल मीडिया पर चल रही बातों को अंतिम सच न माना जाए। स्थानीय संगठन के आरोप हैं, जबकि भारतीय सेना उन्हें गलत बता चुकी है। इसलिए पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच और आधिकारिक जानकारी के बाद ही साफ होगी।
इस बीच, वायरल वीडियो ने एक बार फिर यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि सीमा से लगे इलाकों में रहने वाले लोगों की आवाज और उनकी चिंताओं को कितनी गंभीरता से सुना जा रहा है।

