बक्सर के चर्चित रेलवे ओवरब्रिज (ROB) निर्माण में कथित लापरवाही के मामले में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। निगम ने ठेकेदार प्रमोद कुमार सिंह को 15 वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। यह कार्रवाई ठेकेदारी निबंधन नियमावली 2007 और पथ निर्माण विभाग के प्रावधानों के तहत की गई है।

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2022 में शुरू हुआ था निर्माण कार्य

जानकारी के अनुसार, बक्सर-बरूणा रेलवे स्टेशन के बीच स्थित एलसी-70ए पर रेलवे ओवरब्रिज निर्माण का ठेका रोहतास जिले के सासाराम निवासी प्रमोद कुमार सिंह को दिया गया था। यह परियोजना बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के कार्य प्रमंडल, आरा के अधीन संचालित की जा रही थी। एकरारनामे के अनुसार निर्माण कार्य 25 अक्टूबर 2022 को शुरू हुआ था और इसे 24 जनवरी 2024 तक पूरा किया जाना था।

पुल खुलने के बाद सामने आई गड़बड़ी

मुख्य पुल और वायाडक्ट का निर्माण पूरा होने के बाद इसे आम लोगों के आवागमन के लिए खोल दिया गया था। हालांकि, 5 जून 2026 को पुल के एक स्पैन में एक्सपेंशन जॉइंट के पास स्लैब क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया। घटना के बाद विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। जांच के दौरान निर्माण कार्य में गड़बड़ी और लापरवाही के आरोप सामने आए। इसके बाद कनीय अभियंता हरेराम राम ने 6 जून को बक्सर मुफस्सिल थाना में ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का अनुरोध किया। इस आधार पर थाना कांड संख्या 166/26 दर्ज की गई।

स्पष्टीकरण असंतोषजनक, 15 साल के लिए ब्लैकलिस्ट

विभाग ने ठेकेदार प्रमोद कुमार सिंह से मामले में स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन उसका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने सख्त कदम उठाते हुए उन्हें 15 वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी निर्माण कार्यों में लापरवाही और अनियमितता बरतने वालों के खिलाफ भविष्य में भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।