EO बिमल कुमार की हत्या। | Source: Chrome

EO बिमल कुमार की हत्या।Source : Chrome

डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) बिमल कुमार की हत्या के बाद बिहार में नगर प्रशासनिक अधिकारियों का आक्रोश खुलकर सामने आया है। घटना के विरोध में राज्यभर के नगर कार्यपालक पदाधिकारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक सरकार सुरक्षा और न्याय से जुड़ी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

हत्या के विरोध में पूरे राज्य में हड़ताल

बिहार नगर सेवा संघ के आह्वान पर रविवार से सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारी कामकाज से दूर हो गए हैं। संघ ने सरकार को स्पष्ट संदेश दिया है कि अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना सामान्य कामकाज बहाल नहीं होगा। हड़ताल के कारण नगर निकायों के कई प्रशासनिक और विकास कार्य प्रभावित होने लगे हैं।

संघ ने सरकार को भेजा मांग पत्र

बिहार नगर सेवा संघ ने नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को पत्र भेजकर कहा है कि बिमल कुमार की हत्या ने पूरे प्रशासनिक तंत्र में भय का माहौल पैदा कर दिया है। संघ का कहना है कि अधिकारियों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है और इस मामले में तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग

संघ के महासचिव अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि जब तक सरकार सुरक्षा को लेकर लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारियों के लिए सुरक्षा गार्ड, बॉडीगार्ड और सुरक्षित सरकारी आवास की व्यवस्था करने की मांग की।

आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

अमरपुर नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी अनुराग कुमार ने कहा कि यह केवल एक अधिकारी की हत्या का मामला नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की सुरक्षा का प्रश्न है। उन्होंने मांग की कि हत्या के मुख्य आरोपियों के साथ-साथ साजिश में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

सरकार के सामने रखी गई प्रमुख मांगें

संघ ने सरकार से बिमल कुमार हत्याकांड के आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, मृतक अधिकारी के परिवार को उचित आर्थिक सहायता, आश्रित को सरकारी नौकरी और सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारियों के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की है।

नगर सेवाओं पर पड़ सकता है असर

नगर कार्यपालक पदाधिकारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर राज्यभर के शहरी निकायों की प्रशासनिक, विकास और नागरिक सेवाओं पर पड़ने की आशंका है। संघ ने कहा है कि यदि हड़ताल के कारण आम लोगों को परेशानी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।