1पटना: बिहार के सियासी गलियारों में नेताओं के पाला बदलने और नए समीकरण बनने-बिगड़ने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में गोपालपुर विधानसभा सीट से पूर्व विधायक और अपने बेबाक बयानों के लिए मशहूर नरेंद्र कुमार उर्फ गोपाल मंडल के कांग्रेस में शामिल होने की खबर ने भागलपुर और नवगछिया की राजनीति में अचानक सरगर्मी बढ़ा दी है। अपने अनोखे अंदाज और विवादों के कारण हमेशा सुर्खियों में रहने वाले गोपाल मंडल जल्द ही औपचारिक रूप से कांग्रेस का 'हाथ' थामने जा रहे हैं। हालांकि, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के मद्देनजर उनके आधिकारिक जॉइनिंग कार्यक्रम को कुछ समय के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। लंबे अर्से तक जनता दल यूनाइटेड (JDU) का चेहरा रहे गोपाल मंडल का कांग्रेस में जाना स्थानीय राजनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

जेडीयू से टिकट कटने के बाद ठोकी थी निर्दलीय ताल

गोपाल मंडल का लंबा राजनीतिक इतिहास जनता दल यूनाइटेड (JDU) से जुड़ा रहा है। वे गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार चार बार विधायक चुने गए और इलाके में अपनी मजबूत राजनीतिक पैठ बनाई। हालांकि, 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जेडीयू ने उनका पत्ता काटते हुए टिकट देने से इनकार कर दिया था। पार्टी के इस फैसले से खफा होकर गोपाल मंडल ने बगावत का बिगुल फूंका और निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में कूद पड़े। चुनाव में भले ही उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी नहीं बनाई। चुनाव नतीजों के बाद से ही उनके अगले सियासी कदम को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, जिन पर अब कांग्रेस में एंट्री के फैसले के साथ विराम लगता दिख रहा है।

कांग्रेस में आने से भागलपुर और नवगछिया पर क्या पड़ेगा असर?

गोपाल मंडल का कांग्रेस का दामन थामना महज एक आम दलबदल भर नहीं है। भागलपुर और नवगछिया के पूरे इलाके में उनका अपना एक मजबूत जनाधार और वफादार कार्यकर्ताओं की फौज मानी जाती है। ऐसे में बिहार में अपने पुराने जनाधार को दोबारा खड़ा करने की जद्दोजहद में जुटी कांग्रेस को अंग क्षेत्र में एक जाना-पहचाना और जमीनी पकड़ वाला तेज-तर्रार नेता मिल जाएगा। कांग्रेस को उनके आने से कितना चुनावी फायदा मिलेगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन जेडीयू से एक पुराने सिपाही का विपक्षी खेमे में जाना स्थानीय स्तर पर सत्तारूढ़ गठबंधन और महागठबंधन के बीच सियासी संतुलन को जरूर प्रभावित कर सकता है।

अपने बेबाक बयानों और अनूठे अंदाज से रहे हैं विवादों के केंद्र में

गोपाल मंडल बिहार की राजनीति के उन गिने-चुने चेहरों में शुमार हैं जो अपनी बेबाकी, विवादित बयानों और अनोखी हरकतों के लिए जाने जाते हैं। वे अक्सर अपनी सार्वजनिक गतिविधियों को लेकर मीडिया की सुर्खियों में बने रहे हैं। चाहे सार्वजनिक मंचों पर बार-बालाओं के साथ डांस करने का मामला हो या फिर चलती ट्रेन में अंडरवियर में घूमने की तस्वीरों पर मचा सियासी बवाल, वे हमेशा चर्चा के केंद्र में रहे हैं। अब कांग्रेस के जरिए वे अपनी राजनीतिक पारी की एक नई शुरुआत करने जा रहे हैं। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस के साथ उनका यह नया सफर कितना कामयाब रहता है और क्या वे नवगछिया-भागलपुर की राजनीति में अपनी पुरानी हनक दोबारा कायम कर पाते हैं या नहीं।