पटना में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़े स्तर का अभियान शुरू हो चुका है। नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में कई मकानों, अपार्टमेंट्स और व्यावसायिक इमारतों को ध्वस्तीकरण की सूची में रखा गया है। घरों पर लाल निशान और ‘डिमोलिशन नोटिस’ लगने के बाद बड़ी संख्या में लोग अपने भविष्य को लेकर परेशान हैं। 30 मई तक चलने वाले इस अभियान ने राज्य सरकार की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति को तो कड़ा संदेश दिया है, लेकिन आम नागरिकों में भय और बेचैनी भी बढ़ा दी है।


30 मई तक चलेगा बड़ा बुलडोजर ड्राइव

पटना नगर निगम ने इस अभियान के लिए 9 विशेष टीमों का गठन किया है।

ये टीमें पाटलिपुत्र, राजेंद्र नगर, कंकड़बाग, राजपुर, दानापुर और राजधानी के अन्य हिस्सों में अवैध निर्माण की पहचान कर उन्हें हटाने का काम करेंगी।प्रशासन का कहना है कि

एक भी अवैध निर्माण नहीं बचेगा

कार्रवाई रोकने की कोशिश हुई तो कानूनी कार्रवाई होगी ध्वस्तीकरण पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार किया जाएगा


राजपुर इलाके में तेज़ कार्रवाई: कई बिल्डिंग्स पर लाल निशान

अभियान की शुरुआत राजपुर इलाके से हुई है, जहाँ कई अपार्टमेंट्स बहुमंजिल इमारतें,निजी मकान

पर लाल निशान लगाकर लिखा गया

COMPLETE BUILDING TO BE DEMOLISHED

इसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।

लोगों का कहना है कि उन्हें बिना पर्याप्त समय दिए अचानक नोटिस चिपका दिया गया।


30 दिन में घर खाली करने का आदेश, 4–5 दिन में बिजली–पानी कनेक्शन काटेंगे

नोटिस में साफ़ लिखा है गृहस्वामी 30 दिनों के भीतर अपनी इमारत खुद गिराएँ नहीं गिराया तो प्रशासन बुलडोजर चलाएगा।4–5 दिनों में पानी और बिजली कनेक्शन काटे जाएँगे।कार्रवाई ‘किसी भी स्थिति में’ रोकी नहीं जाएगी।इसने कई परिवारों को संकट में डाल दिया है।कुछ लोग नया घर खोजने की कोशिश कर रहे हैं, कुछ असमंजस में हैं।


शादी वाले घरों में भारी तनाव तैयारियाँ रुकीं, भविष्य असुरक्षित

कुछ प्रभावित घरों में आने वाली हफ्तों में शादियाँ तय हैं।ऐसे परिवारों के लिए यह स्थिति बेहद कठिन है।

लोगों ने कहा“एक तरफ बेटी की शादी की तैयारियाँ चल रही थीं, दूसरी तरफ अचानक घर टूटने का नोटिस मिल गया। अब हम कहाँ जाएँ?”कई परिवारों ने इसे “अचानक लिया गया कदम” बताया है।


सीएम सम्राट चौधरी की कड़ी चेतावनी के बाद कार्रवाई तेज़

सीएम सम्राट चौधरी ने रविवार को कहा था।सरकारी जमीन पर बने सभी अवैध निर्माण ध्वस्त होंगे।किसी को भी रियायत नहीं दी जाएगी।

कानून सबके लिए बराबर है उनके बयान के बाद ही नगर निगम की टीमें तेजी से एक्टिव हुईं।


चिराग पासवान ने संतुलित रुख अपनाया

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा:

अवैध निर्माण पर कार्रवाई ज़रूरी है

लेकिन गरीब और वैध रूप से रहने वालों को परेशान नहीं किया जाए

बेघर होने वाले परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था जरूरी उनका बयान अभियान पर एक मानवीय दृष्टिकोण की मांग करता है।


इलाके में नाराज़गी और डर का माहौल, लेकिन प्रशासन सख़्त

राजपुर, कंकड़बाग और पाटलिपुत्र के कई परिवारों में गुस्सा,अफसोस और डर तीनों माहौल बने हुए हैं।लोगों का कहना है कि वे वर्षों से यहाँ रह रहे हैं और अब यह समझ नहीं आ रहा कि वे कहाँ जाएँ।वहीं प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई नियमों के तहत की जा रही है।शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाना आवश्यक है।भविष्य में ऐसी कार्रवाई नियमित रूप से जारी रहेगी