
IPL: चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में जब आईपीएल 2026 के एक बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस की टीमें आमने-सामने उतरीं, तो क्रिकेट जगत को एक नया नायक मिला। महाराष्ट्र के 28 वर्षीय ऑलराउंडर रामकृष्ण घोष ने पीली जर्सी में अपना बहुप्रतीक्षित डेब्यू किया और पहली ही परीक्षा में खुद को साबित कर दिखाया। 28 अगस्त 1997 को नासिक में जन्मे इस खिलाड़ी ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर घरेलू क्रिकेट से लेकर आईपीएल के इस बड़े मंच तक का सफर तय किया है। आईपीएल 2025 की नीलामी में चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें मात्र 30 लाख रुपये के बेस प्राइस पर अपनी टीम में शामिल किया था, और एक साल के लंबे इंतजार के बाद जब उन्हें मैदान पर उतरने का मौका मिला, तो उन्होंने अपनी छाप छोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
घरेलू क्रिकेट का शानदार अनुभव और संघर्ष
रामकृष्ण घोष ने अपने पेशेवर क्रिकेट करियर की शुरुआत महाराष्ट्र की टीम से की थी। उन्होंने अपने टी20 सफर का आगाज साल 2022-23 की सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में कर्नाटक जैसी मजबूत टीम के खिलाफ किया था। अपने उस पहले ही मैच में उन्होंने मयंक अग्रवाल का बड़ा विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा था। घोष केवल टी20 के ही नहीं, बल्कि रेड बॉल क्रिकेट और लिस्ट-ए के भी मंझे हुए खिलाड़ी माने जाते हैं। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 13 मैचों में 28 विकेट और 455 रन उनके बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन की गवाही देते हैं।
विजय हजारे ट्रॉफी का ऐतिहासिक प्रदर्शन
इस युवा खिलाड़ी की सबसे बड़ी खासियत उनकी सटीक गेंदबाजी और दबाव झेलने की क्षमता है। साल 2025-26 की विजय हजारे ट्रॉफी में उन्होंने हिमाचल प्रदेश के खिलाफ मात्र 42 रन देकर 7 विकेट चटकाए थे, जो उनके करियर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इतना ही नहीं, गोवा के खिलाफ एक रोमांचक मैच में जब अंतिम ओवर में जीत के लिए 6 रनों की दरकार थी, तब रामकृष्ण ने मेडन ओवर फेंककर अपनी टीम को करिश्माई जीत दिलाई थी। यही वह प्रदर्शन था जिसने उनके लिए सीएसके के प्लेइंग इलेवन के दरवाजे खोले।
डेब्यू मैच में दिग्गज का शिकार और भविष्य की उम्मीदें
मुंबई इंडियंस के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में रामकृष्ण घोष ने दुनिया के सबसे खतरनाक टी20 बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव को आउट कर अपना पहला आईपीएल विकेट हासिल किया। 135 से 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने वाले घोष न केवल डेथ ओवरों में अपनी यॉर्कर के लिए जाने जाते हैं, बल्कि निचले क्रम में आकर ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करने में भी माहिर हैं। उन्होंने मुंबई के खिलाफ एक घरेलू मैच में मात्र 27 गेंदों में नाबाद 64 रनों की पारी खेलकर अपनी बल्लेबाजी क्षमता का लोहा मनवाया था। उनकी इस बहुमुखी प्रतिभा को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि चेन्नई सुपर किंग्स को भविष्य के लिए एक बेहतरीन ऑलराउंडर मिल गया है।
