बिहार लोक सेवा आयोग ने परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियों की रिपोर्ट मिलने के बाद बड़ा फैसला लेते हुए कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। आयोग के अनुसार, विभिन्न परीक्षा केंद्रों से ऐसी जानकारी सामने आई कि कुछ अभ्यर्थी ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य अनुचित तरीकों का इस्तेमाल कर नकल करने की कोशिश कर रहे थे। इन घटनाओं ने परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए, जिसके बाद आयोग ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया।
कितनी परीक्षाएं रद्द हुईं और क्यों
आयोग ने सहायक शिक्षा विकास अधिकारी (AEDO) की परीक्षा, जो 14 से 21 अप्रैल 2026 के बीच 9 शिफ्ट में आयोजित हुई थी, को पूरी तरह निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही सहायक सार्वजनिक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन अधिकारी की परीक्षा, जो 23 अप्रैल 2026 को आयोजित हुई थी, उसे भी रद्द कर दिया गया है। आयोग का कहना है कि भले ही पेपर लीक का कोई प्रमाण नहीं मिला, लेकिन नकल की कोशिशों के कारण परीक्षा की पवित्रता प्रभावित हुई, इसलिए यह कदम उठाया गया।
कार्रवाई और जांच में क्या सामने आया
मामले में शामिल अभ्यर्थियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 32 उम्मीदवारों को भविष्य की सभी BPSC परीक्षाओं से प्रतिबंधित कर दिया गया है। साथ ही संबंधित मामलों में एफआईआर भी दर्ज की गई हैं। जांच के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि प्रश्नपत्र लीक या वायरल होने का कोई सबूत नहीं मिला है और सोशल मीडिया पर चल रही कई अटकलों को खारिज किया गया है। आयोग ने कहा कि कार्रवाई केवल निष्पक्षता बनाए रखने के लिए की गई है।
छात्रों पर असर और आगे की योजना
इस फैसले का असर लाखों अभ्यर्थियों पर पड़ा है, क्योंकि AEDO पद के लिए करीब 11 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। परीक्षा रद्द होने से उनका भविष्य फिलहाल अनिश्चितता में है। हालांकि, आयोग ने भरोसा दिलाया है कि परीक्षाओं की नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी व नकल-मुक्त तरीके से दोबारा आयोजित किया जाएगा।
