बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं के बीच एक बार फिर BPSC को लेकर नाराज़गी और बेचैनी बढ़ती दिखाई दे रही है। 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा CCE का अंतिम परिणाम अब तक जारी नहीं होने पर अभ्यर्थियों का धैर्य जवाब देने लगा है। कई उम्मीदवारों का कहना है कि उन्होंने लगभग डेढ़ साल पहले परीक्षा प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन अब तक अंतिम नतीजे का इंतजार खत्म नहीं हुआ है। लगातार बढ़ती देरी के कारण छात्रों के करियर, नौकरी की योजनाओं और मानसिक स्थिति पर असर पड़ने की बात भी सामने आ रही है। इसी मुद्दे को लेकर अब मनोज झा ने भी आवाज उठाई है। RJD के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्र लंबे समय से परिणाम का इंतजार कर रहे हैं और इस देरी ने उन्हें मानसिक दबाव में डाल दिया है। उनका बयान सामने आने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन गया है।
क्या बोले मनोज झा?
मनोज झा ने 70वीं BPSC परीक्षा के परिणाम में हो रही देरी पर चिंता जताते हुए कहा कि छात्र लगभग डेढ़ साल पहले परीक्षा प्रक्रिया में शामिल हुए थे, लेकिन अब तक अंतिम परिणाम घोषित नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि इतनी लंबी प्रतीक्षा युवाओं पर मानसिक दबाव डाल रही है और इससे उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ रही है।RJD सांसद ने सवाल उठाया कि जब अभ्यर्थी लगातार परीक्षा, इंटरव्यू और अन्य प्रक्रियाओं को पूरा कर चुके हैं, तो अंतिम परिणाम घोषित करने में इतनी देरी क्यों हो रही है।
क्यों हो रही है देरी?
रिपोर्ट्स के अनुसार 70वीं BPSC परीक्षा की कुछ प्रक्रियाएं, विशेषकर मेडिकल जांच और अन्य सत्यापन संबंधी औपचारिकताएं, अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। इसी वजह से अंतिम परिणाम जारी होने में समय लग रहा है। सोशल मीडिया और अभ्यर्थियों के बीच लगातार रिजल्ट को लेकर चर्चाएं चल रही हैं।हालांकि BPSC की तरफ से रिजल्ट की कोई अंतिम तारीख घोषित नहीं की गई है। आयोग पहले भी परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर संशोधित कैलेंडर जारी कर चुका है।
छात्रों में बढ़ रही चिंता
अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय तक परिणाम लंबित रहने से उनकी आगे की तैयारी और करियर योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। कई छात्र दूसरे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और नौकरी के विकल्पों को लेकर भी असमंजस में हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और ऑनलाइन फोरम्स पर भी अभ्यर्थी लगातार रिजल्ट में देरी को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कुछ छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में बढ़ती अनिश्चितता मानसिक तनाव को और बढ़ा रही है। परीक्षा प्रणाली को लेकर भरोसे और पारदर्शिता पर भी चर्चा हो रही है।
राजनीतिक मुद्दा भी बनता दिख रहा मामला
बिहार में अगले चुनावों को देखते हुए युवाओं और रोजगार का मुद्दा पहले से ही राजनीतिक बहस के केंद्र में है। ऐसे में BPSC परिणाम में देरी का मामला विपक्ष के लिए सरकार और आयोग पर सवाल उठाने का नया मुद्दा बन सकता है। मनोज झा के बयान को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है।
