ऐसा लगता है कि क्रिकेट सूर्यवंशी परिवार की रग-रग में बसा है। एक तरफ 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी अपने दमदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं, तो दूसरी तरफ अब उनके छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी भी अपनी बल्लेबाजी से चर्चा का विषय बन गए हैं। महज 11 साल की उम्र में आशीर्वाद ने घरेलू क्रिकेट में शतकीय पारी खेलकर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। उनकी इस शानदार पारी के बाद सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है, वहीं बड़े भाई वैभव सूर्यवंशी का रिएक्शन भी तेजी से वायरल हो रहा है।

वैभव की राह पर आशीर्वाद, 87 गेंदों में जड़ा शानदार शतक

15 साल के वैभव सूर्यवंशी पहले ही अपने प्रदर्शन से फैंस का दिल जीत चुके हैं, लेकिन अब उनके छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी ने भी सबको प्रभावित किया है। क्रिकेट एकेडमी ताजपुर की ओर से खेलते हुए आशीर्वाद ने 87 गेंदों में 103 रन की शानदार पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 20 चौके और 1 छक्का निकला। उन्होंने 118.39 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम को 29.5 ओवर में 4 विकेट पर 234 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। इस मुकाबले में शिवम राज ने भी 52 रन का योगदान दिया। हाल ही में वैभव और आशीर्वाद के पिता संजीव सूर्यवंशी ने कहा था कि कुछ साल बाद आशीर्वाद भी टीम इंडिया में खेलने लायक बन जाएंगे और उनकी यह पारी उस दावे को मजबूती देती नजर आई।

शतक के बाद जश्न ने खींचा ध्यान, सोशल मीडिया पर छाए आशीर्वाद

आशीर्वाद सूर्यवंशी का निडर अंदाज बिल्कुल अपने बड़े भाई वैभव की तरह नजर आया। जिस तरह वैभव बड़े मंच पर बेखौफ बल्लेबाजी करते हैं, उसी तरह आशीर्वाद ने भी आक्रामक खेल दिखाया। सेंचुरी पूरी करने के बाद उन्होंने हेलमेट उतारकर खास अंदाज में जश्न मनाया। उनका यह सेलिब्रेशन देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और क्रिकेट फैंस उनकी बल्लेबाजी की जमकर तारीफ करने लगे।

छोटे भाई के शतक पर वैभव ने ऐसे दी बधाई

आशीर्वाद की इस उपलब्धि पर बड़े भाई वैभव सूर्यवंशी भी काफी खुश नजर आए। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर आशीर्वाद के शतक की तस्वीर साझा करते हुए उन्हें बधाई दी। वैभव ने पोस्ट में लिखा, मुबारक हो आशीर्वाद। उनका यह पोस्ट भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। आशीर्वाद के लिए अच्छी बात यह है कि उनके पास क्रिकेट में आगे बढ़ने के लिए हर जरूरी सुविधा मौजूद है। उन्हें न तो संसाधनों की कमी होगी और न ही मार्गदर्शन की। बड़े भाई वैभव के अनुभव के साथ-साथ पिता संजीव सूर्यवंशी का कोच के तौर पर सहयोग भी उन्हें लगातार मिलता रहेगा, जो उनके क्रिकेट करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मददगार साबित हो सकता है।