भारतीय क्रिकेट टीम ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियां शुरू कर दी हैं। अगले डेढ़ साल में टीम इंडिया को कई अहम वनडे सीरीज खेलनी हैं, जिनके जरिए विश्व कप के लिए मजबूत संयोजन तैयार किया जाएगा। इसी बीच टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या को लेकर एक ऐसा बयान सामने आया है, जिसने क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ दी है। भारत के पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना का मानना है कि टीम प्रबंधन को अब 2027 वर्ल्ड कप के लिए हार्दिक पांड्या का भरोसेमंद विकल्प तैयार करना शुरू कर देना चाहिए। रैना के इस बयान के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या भविष्य में टीम इंडिया हार्दिक के बिना भी अपनी रणनीति बनाने की तैयारी कर रही है।

बार-बार चोटिल होना बढ़ा रहा है चिंता

हार्दिक पांड्या लंबे समय से टीम इंडिया के सबसे अहम खिलाड़ियों में गिने जाते रहे हैं। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और तेज गेंदबाजी की बदौलत उन्होंने कई मौकों पर भारत को यादगार जीत दिलाई है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उनकी फिटनेस लगातार चर्चा का विषय बनी रही है।

अफगानिस्तान के खिलाफ 13 जून से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले भी हार्दिक चोट के कारण टीम से बाहर हो गए हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें यह चोट आईपीएल 2026 के दौरान लगी थी। ऐसे में एक बार फिर उनकी फिटनेस को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

जियोस्टार के एक कार्यक्रम में बातचीत के दौरान सुरेश रैना ने कहा कि हार्दिक का बार-बार चोटिल होना भारतीय टीम के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए सिर्फ एक खिलाड़ी पर निर्भर रहना सही रणनीति नहीं हो सकती। इसलिए टीम प्रबंधन को अभी से ऐसा खिलाड़ी तैयार करना चाहिए, जिस पर जरूरत पड़ने पर पूरी तरह भरोसा किया जा सके।

क्या नीतीश कुमार रेड्डी बन सकते हैं नए हार्दिक?

सुरेश रैना का मानना है कि युवा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी इस भूमिका के लिए मजबूत दावेदार हो सकते हैं। पिछले कुछ समय में रेड्डी ने घरेलू क्रिकेट, आईपीएल और भारतीय टीम के लिए मिले अवसरों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। उनकी बल्लेबाजी में लगातार सुधार देखने को मिला है और गेंदबाजी में भी उन्होंने अपनी उपयोगिता साबित की है।

रैना ने कहा कि नीतीश ने आईपीएल में अच्छी गति और नियंत्रण के साथ गेंदबाजी की है। इसके अलावा उन्होंने खुद को फिट रखने में भी सफलता हासिल की है। पूर्व भारतीय बल्लेबाज का मानना है कि अगर टीम प्रबंधन उन्हें नियमित मौके देता है, तो वह भविष्य में हार्दिक पांड्या जैसे महत्वपूर्ण ऑलराउंडर की कमी पूरी कर सकते हैं।

हालांकि रैना ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी खिलाड़ी को तैयार करने के लिए समय और सही योजना की जरूरत होती है। उन्होंने टीम मैनेजमेंट को सलाह दी कि नीतीश के वर्कलोड पर खास ध्यान दिया जाए ताकि वह फिट रहें और लगातार बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

लंबे समय से वनडे क्रिकेट से दूर हैं हार्दिक

हार्दिक पांड्या ने भारत के लिए आखिरी वनडे मुकाबला मार्च 2025 में खेला था। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद से वह टीम इंडिया की वनडे प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं बन पाए हैं। चोटों और फिटनेस से जुड़ी समस्याओं के कारण उनका अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम लगातार प्रभावित होता रहा है।

अगर उनके वनडे करियर पर नजर डालें तो हार्दिक ने अब तक 94 मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। इस दौरान उन्होंने 1904 रन बनाए हैं और 91 विकेट भी अपने नाम किए हैं। यही वजह है कि उन्हें लंबे समय से भारतीय टीम का सबसे अहम तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर माना जाता रहा है।

हालांकि 2027 वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए टीम इंडिया अब भविष्य की रणनीति पर भी काम कर रही है। ऐसे में सुरेश रैना का बयान इस ओर इशारा करता है कि चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन को सिर्फ वर्तमान नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर भी फैसले लेने होंगे। फिलहाल हार्दिक पांड्या की टीम में जगह पर कोई खतरा नहीं है, लेकिन उनका लगातार चोटिल होना निश्चित रूप से भारतीय टीम की चिंताओं को बढ़ा रहा है।