घर में छोटे भाई या बहन होना अक्सर खुशी और साथ का कारण माना जाता है, लेकिन एक नई रिसर्च में सामने आया है कि परिवार में जन्म का क्रम (Birth Order) बच्चों की सेहत, शिक्षा और भविष्य की कमाई पर भी असर डाल सकता है। अध्ययन के अनुसार, बड़े भाई-बहनों की तुलना में छोटे बच्चों को शुरुआती जीवन में अधिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

अस्पताल में भर्ती होने का खतरा 2 से 3 गुना अधिक

यूनाइटेड स्टेट्स के नेशनल ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक रिसर्च (NBER) द्वारा प्रकाशित ‘Germs in the Family’ नामक स्टडी में 1980 से 2015 के बीच लगभग 11 लाख डेनिश बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। अध्ययन में पाया गया कि बड़े भाई-बहनों की तुलना में छोटे बच्चे जीवन के पहले वर्ष में श्वसन संक्रमण (Respiratory Infection) के कारण 2 से 3 गुना अधिक अस्पताल में भर्ती होते हैं। सर्दियों के महीनों में जन्म लेने वाले छोटे बच्चों में यह जोखिम और भी अधिक पाया गया।

बड़े भाई-बहनों से फैल सकता है संक्रमण

NBER की रिपोर्ट के अनुसार, बड़े भाई-बहन स्कूल, डे-केयर या खेलकूद के दौरान वायरस और अन्य रोगजनकों के संपर्क में आते हैं और अनजाने में उन्हें घर तक ले आते हैं। ऐसे में छोटे बच्चों का इम्यून सिस्टम पूरी तरह विकसित न होने के कारण वे संक्रमण की चपेट में जल्दी आ जाते हैं।

पढ़ाई और करियर पर भी पड़ता है प्रभाव

रिसर्च में यह भी पाया गया कि बचपन में बार-बार बीमार पड़ने का असर आगे की शिक्षा और करियर पर दिखाई देता है। अध्ययन के अनुसार, छोटे भाई-बहनों की स्कूली शिक्षा बड़े बच्चों की तुलना में अपेक्षाकृत कम रह जाती है। इसके अलावा, उनमें ग्रेजुएशन पूरा करने की संभावना 0.5 प्रतिशत कम पाई गई। वहीं 30 वर्ष की उम्र तक पहुंचने पर उनकी आय में भी औसतन 1.3 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

बड़े और छोटे बच्चों में अलग-अलग स्वास्थ्य जोखिम

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (NLM) की अन्य स्टडी के अनुसार, छोटे भाई-बहनों में किशोरावस्था के दौरान चोट लगने और नशीले पदार्थों के सेवन का खतरा अधिक होता है। वहीं बढ़ती उम्र में उनमें ब्लड सर्कुलेशन से जुड़ी बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है।

इसके विपरीत, बड़े भाई-बहनों में 50 वर्ष की उम्र के बाद डिप्रेशन और एडीएचडी (ADHD) जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा अपेक्षाकृत अधिक पाया गया है।