यात्रियों के लिए विमान का टॉयलेट महज एक सुविधा की जगह होता है, लेकिन इस बार तस्करों ने इसे करोड़ों रुपये के सोने को छिपाने की ऐसी गुप्त तिजोरी बना दिया कि जांच एजेंसियां भी हैरान रह गईं। विमान के टॉयलेट में लगे एक साधारण से साउंड स्पीकर के भीतर 24 गोल्ड बिस्किट छिपाकर तस्करी की कोशिश की गई थी। बाहर से सब कुछ सामान्य दिख रहा था, लेकिन जैसे ही अधिकारियों ने स्पीकर की जांच की, अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि सोने की तस्करी करने वाले गिरोह हर बार नए और चौंकाने वाले तरीके खोज रहे हैं।

स्पीकर के पीछे छिपा था करोड़ों का राज

जानकारी के मुताबिक, विमान की नियमित जांच के दौरान अधिकारियों को टॉयलेट में लगे स्पीकर पर शक हुआ। जब उसे खोला गया तो उसके भीतर बेहद सफाई से छिपाए गए 24 गोल्ड बिस्किट बरामद हुए। तस्करों ने ऐसी जगह चुनी थी जहां आमतौर पर किसी की नजर नहीं जाती। यही वजह है कि पहली नजर में यह सिर्फ एक सामान्य स्पीकर दिखाई देता था। अधिकारियों का मानना है कि यह पूरी साजिश बेहद पेशेवर तरीके से रची गई थी और इसके पीछे संगठित तस्करी नेटवर्क का हाथ हो सकता है।

कैसे काम करता है तस्करों का यह 'ड्रॉप एंड पिक' गेम?

जांच एजेंसियों के अनुसार, कई मामलों में तस्कर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में सोना छिपाकर छोड़ देते हैं। इसके बाद उसी विमान के अगले चरण में यात्रा करने वाला उनका साथी उस सामान को निकालकर घरेलू टर्मिनल से बाहर ले जाता है। इस तरीके से कस्टम जांच से बचने की कोशिश की जाती है। पिछले कुछ वर्षों में विमान के टॉयलेट, सीटों के नीचे, वॉशबेसिन और अन्य छिपी जगहों से सोना मिलने के कई मामले सामने आ चुके हैं। इस नई घटना ने एक बार फिर एयरपोर्ट सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।

जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह सोना विमान तक पहुंचा कैसे और इसे निकालने वाला कौन था? फिलहाल अधिकारियों ने बरामद सोने को जब्त कर लिया है और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज, फ्लाइट रिकॉर्ड और विमान से जुड़े कर्मचारियों की गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस ऑपरेशन में किसी अंदरूनी व्यक्ति की भी भूमिका थी या फिर यह पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह की साजिश थी।

लगातार बदल रहे हैं तस्करी के तरीके

भारत में सोने की मांग और कीमतों के चलते तस्कर लगातार नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। कभी सोना पेस्ट के रूप में टॉयलेट में छिपाया जाता है, कभी सीटों के नीचे, तो कभी शरीर के भीतर कैप्सूल निगलकर लाने की कोशिश की जाती है। लेकिन इस बार स्पीकर के भीतर 24 गोल्ड बिस्किट छिपाने का तरीका सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी एक बड़ा संकेत है कि तस्करी के नेटवर्क पहले से ज्यादा शातिर और तकनीकी हो चुके है।