उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में बिजली बिल बकाया और वसूली की कार्रवाई से परेशान एक पान दुकानदार की मौत का मामला सामने आया है। पुलिस को मौके से एक नोट मिला है, जिसमें मृतक ने अपनी परेशानी का जिक्र किया है। घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
यह घटना जिला मुख्यालय से करीब 36 किलोमीटर दूर सैदपुर थाना क्षेत्र की है। नगर क्षेत्र निवासी 55 वर्षीय सुरेंद्र कश्यप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के सामने एक छोटी पान की गुमटी चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनके दोनों बेटे रोजगार के लिए दूसरे शहरों में काम करते हैं, जबकि दोनों बेटियों की शादी अभी नहीं हुई है।

1.12 लाख रुपये के बिजली बिल से बढ़ी परेशानी
मृतक की पत्नी ज्ञानती देवी के अनुसार, सितंबर 2025 में बिजली विभाग की विजिलेंस टीम ने उनके घर पर कार्रवाई की थी। इसके बाद विभाग की ओर से 1 लाख 12 हजार रुपये का बकाया बिजली बिल जमा करने का नोटिस जारी किया गया। परिवार के लिए इतनी बड़ी रकम जमा करना आसान नहीं था।
परिजनों का कहना है कि सुरेंद्र लगातार विभागीय अधिकारियों से राहत या समाधान की मांग करते रहे। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने कई बार उधार लेकर बिजली बिल की किश्तें भी जमा कीं, लेकिन बकाया पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका।
वसूली की कार्रवाई के बीच बढ़ा मानसिक तनाव
परिवार के मुताबिक, जब बकाया वसूली का मामला राजस्व अमीन के पास पहुंचा तो उन पर भुगतान का दबाव और बढ़ गया। लगातार नोटिस, वसूली की प्रक्रिया और आर्थिक संकट के कारण वह काफी तनाव में रहने लगे थे।
सोमवार सुबह उनकी तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें सैदपुर सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। सूचना मिलने पर कस्बा चौकी प्रभारी मनोज पांडेय और थाना प्रभारी अनिल कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस कर रही मामले की जांच
थाना प्रभारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। परिजनों के बयान, बरामद नोट और बिजली विभाग से संबंधित दस्तावेजों के आधार पर पूरी घटना की पड़ताल की जाएगी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
ज्ञानती देवी ने बताया कि उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं। बड़ा बेटा सूरज शादीशुदा है और अलग रहता है। छोटा बेटा शुभम पिता के साथ गुमटी पर बैठता था, लेकिन कारोबार कमजोर होने के कारण दो महीने पहले रोजगार के लिए बाहर चला गया था।
बड़ी बेटी अंजलि पहले सैदपुर के एक मॉल में कार्यरत थी और वर्तमान में नौकरी की तलाश में दिल्ली गई हुई है। छोटी बेटी आंचल बीएससी की पढ़ाई कर रही है। परिवार की दोनों बेटियों की शादी अभी बाकी है।
बिजली विभाग का पक्ष
विद्युत वितरण खंड तृतीय के अधिशासी अभियंता ई. सुधाकर ने बताया कि उपभोक्ता पर लंबे समय से बिजली बिल बकाया था। बकाया राशि की वसूली के लिए आरसी जारी की गई थी, जिसे आगे की कार्रवाई के लिए राजस्व अमीन को भेजा गया था।
