पटना में हाल के दिनों में चर्चा में रहे कोचिंग विवाद और प्रिंस यादव हत्याकांड ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में जेल से रिहा हुए रौशन आनंद ने बाहर आते ही कई गंभीर आरोप लगाकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने दावा किया कि उनके भाई प्रिंस यादव की हत्या कोई सामान्य आपराधिक घटना नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित साजिश थी। रौशन आनंद ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच होनी चाहिए और उन लोगों की भूमिका भी सामने आनी चाहिए, जिन पर उन्हें शक है। उन्होंने जांच एजेंसियों से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि सच सामने लाने के लिए सभी संदिग्धों का नार्को टेस्ट कराया जाना चाहिए। रौशन आनंद के इन आरोपों के बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है और अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे आने वाले तथ्यों पर टिकी हुई है।
भाई की मौत को बताया सुनियोजित साजिश
रौशन आनंद का कहना है कि उनके भाई प्रिंस यादव की मौत के पीछे कई ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब अभी तक नहीं मिले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक वह बाहर थे, तब तक उनके भाई के साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई, लेकिन उनके जेल जाने के बाद हालात अचानक बदल गए। इसी वजह से उन्हें शक है कि यह घटना पहले से रची गई किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकती है। उन्होंने मांग की कि मामले की हर पहलू से जांच की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
नार्को टेस्ट और निष्पक्ष जांच की मांग
रौशन आनंद ने कहा कि यदि जांच एजेंसियां निष्पक्ष तरीके से काम करें तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है। उन्होंने आरोपियों और मामले से जुड़े सभी संदिग्ध लोगों का नार्को टेस्ट कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे कई ऐसे तथ्य सामने आ सकते हैं, जो अब तक जांच में नहीं आए हैं।
जांच जारी, सभी की नजर पुलिस कार्रवाई पर
हालांकि रौशन आनंद के आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, लेकिन पुलिस और जांच एजेंसियां फिलहाल मामले की जांच में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी सबूतों और तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले की वास्तविकता क्या है। फिलहाल रौशन आनंद के आरोपों ने इस पूरे घटनाक्रम को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
