बिहार के चर्चित कोचिंग विवाद से जुड़े रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में हुई मौत ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। 13 जून 2026 को नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में प्रिंस यादव की मौत हो गई थी। घटना के बाद जहां परिवार में मातम का माहौल है, वहीं इस मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। अब प्रिंस के साथ नेपाल में मौजूद उनके दोस्तों ने उस रात की पूरी कहानी सामने रखी है। उनका दावा है कि प्रिंस लंबे समय से मानसिक बीमारी से जूझ रहे थे और उनकी मौत किसी साजिश नहीं बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्या की वजह से हुई।

होटल के कमरे में क्या हुआ था?

प्रिंस यादव के साथ नेपाल में मौजूद उनके करीबी दोस्त रौशन कुमार ने बताया कि वे सभी लोग 3 जून को विराटनगर पहुंचे थे और एक होटल में अलग-अलग कमरों में ठहरे हुए थे। उनके अनुसार प्रिंस काफी समय से मानसिक तनाव और बीमारी से गुजर रहे थे तथा नियमित रूप से साइकेट्रिक दवाएं ले रहे थे।दोस्तों का कहना है कि घटना वाले दिन प्रिंस ने खाना खाने के बाद अपनी दवा ली और कमरे में जाकर आराम करने लगे। उसी दौरान उनके बाकी साथी बाहर चले गए थे, जबकि एक दोस्त ब्रजेश कमरे के पास ही मौजूद था। कुछ देर बाद अचानक प्रिंस की तबीयत बिगड़ने लगी और उनकी सांसें तेज चलने लगीं। स्थिति गंभीर होते देख तुरंत अन्य साथियों को बुलाया गया और प्रिंस को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।

पहले भी आ चुके थे पैनिक अटैक

प्रिंस के दोस्तों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से वह ठीक से सो नहीं पा रहे थे और लगातार मानसिक तनाव में थे। उन्होंने दावा किया कि मौत से पहले भी उन्हें दो बार गंभीर पैनिक अटैक आ चुका था। दोस्तों ने यह भी कहा कि उनके बीच किसी तरह का विवाद, झगड़ा या मारपीट नहीं हुई थी। उनके मुताबिक प्रिंस की हालत पहले से ही ठीक नहीं थी और स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उनकी जान गई।

खान सर ने जताई तीसरे पक्ष की साजिश की आशंका

इस मामले पर पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए खान सर ने एक वीडियो संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। खान सर का कहना है कि उनके और रौशन आनंद के बीच चल रहे विवाद का फायदा उठाकर किसी तीसरे पक्ष ने हालात को प्रभावित किया हो सकता है।उन्होंने सरकार और जांच एजेंसियों से अपील की कि मामले की सच्चाई जल्द सामने लाई जाए और नेपाल में हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान सार्वजनिक की जाए, ताकि किसी तरह की अफवाह न फैले।

पप्पू यादव ने सरकार पर उठाए सवाल

प्रिंस यादव का पार्थिव शरीर बिहार के सहरसा जिले स्थित उनके पैतृक गांव धमसेना पहुंच चुका है। परिवार से मिलने पहुंचे पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने इस घटना को दुखद बताते हुए प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दो पक्षों के बीच चल रहे विवाद को जिस तरह संभाला गया, उससे हालात और बिगड़े।पप्पू यादव ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए, ताकि किसी भी तरह की आशंका और भ्रम को दूर किया जा सके। वहीं परिवार और स्थानीय लोगों की नजर अब जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर टिकी हुई है।