देश के दिग्गज पिस्टल निशानेबाज, अर्जुन पुरस्कार विजेता और कई अंतरराष्ट्रीय पदक भारत की झोली में डालने वाले जसपाल राणा अब हमारे बीच नहीं रहे। 49 साल की उम्र में उनके निधन की खबर ने खेल जगत समेत पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। लेकिन उनकी मौत से जुड़ी सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस दर्द को उन्होंने सामान्य एसिडिटी या मामूली परेशानी समझकर नजरअंदाज किया, वह दरअसल हार्ट अटैक का संकेत था। डॉक्टरों के मुताबिक, जसपाल राणा को तीन दिन पहले ही हार्ट अटैक आ चुका था, लेकिन इसके बावजूद वह यात्रा करते रहे और समय पर अस्पताल नहीं पहुंचे। जब तक उनका इलाज शुरू हुआ, तब तक दिल को गंभीर नुकसान पहुंच चुका था। उनकी कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी के निधन की खबर नहीं है, बल्कि उन लाखों लोगों के लिए चेतावनी भी है जो सीने में दर्द, जलन या बेचैनी जैसे लक्षणों को अक्सर गैस और एसिडिटी समझकर टाल देते हैं।

सीने का दर्द पड़ा भारी

मैक्स अस्पताल के कार्डियक साइंस विभाग के ग्रुप चेयरमैन डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि जसपाल राणा को विदेश में रहते हुए सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई थी। संभव है कि उन्होंने इसे गैस, एसिडिटी या सामान्य थकान समझ लिया हो। दर्द लगातार बना रहा, लेकिन उन्होंने मेडिकल सहायता नहीं ली और भारत लौट आए। अस्पताल पहुंचने पर जांच में पता चला कि उनके दिल की एक महत्वपूर्ण आर्टरी पूरी तरह ब्लॉक हो चुकी थी। हार्ट अटैक के कारण दिल का एक हिस्सा गंभीर रूप से प्रभावित हो गया था और उसकी पंपिंग क्षमता भी काफी कम हो गई थी।

इलाज से मिली राहत, लेकिन अचानक सामने आई गंभीर जटिलता

डॉक्टरों ने तुरंत उनका इलाज शुरू किया और ब्लॉकेज दूर करने के लिए स्टेंट डाला। दवाओं और मेडिकल देखरेख के बाद उनकी स्थिति में सुधार भी दिखाई देने लगा था। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक उनकी हालत इतनी बेहतर हो गई थी कि छुट्टी देने की तैयारी की जा रही थी। लेकिन इसी दौरान रात में अचानक कार्डियक रप्चर की गंभीर स्थिति पैदा हो गई। यह ऐसी अवस्था होती है जब हार्ट की कमजोर हो चुकी दीवार फट जाती है। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और उनका निधन हो गया।

डॉक्टरों की चेतावनी: इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

विशेषज्ञों का कहना है कि हार्ट अटैक हमेशा अचानक गिर जाने या बेहोश होने से नहीं होता। कई बार इसकी शुरुआत सीने में जकड़न, दबाव, जलन या दर्द से होती है, जिसे लोग एसिडिटी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। यदि सीने में दर्द के साथ सांस फूलना, अत्यधिक पसीना आना, बाएं हाथ, कंधे, गर्दन या जबड़े में दर्द महसूस हो, तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि हार्ट अटैक के मामलों में हर मिनट कीमती होता है और समय पर इलाज मिलने से जान बचाई जा सकती है।