भारतीय रेलवे में ट्रेनों के देरी से चलने की शिकायतें कोई नई बात नहीं हैं। कई बार यात्रियों और उनके परिजनों को घंटों तक स्टेशन पर इंतजार करना पड़ता है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने रेलवे के नियमों और उनकी व्यावहारिकता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। वीडियो में एक युवक दावा करता है कि वह अपने परिवार के सदस्यों को ट्रेन में बैठाने के लिए स्टेशन पहुंचा था, लेकिन ट्रेन की लगातार बढ़ती देरी के कारण उसे कई घंटों तक प्लेटफॉर्म पर रुकना पड़ा। हैरानी की बात यह रही कि अंत में उसे प्लेटफॉर्म टिकट की वैधता खत्म होने के कारण ₹500 का जुर्माना भरना पड़ा।


क्या है पूरा मामला?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किए गए वीडियो में युवक बताता है कि वह अपने परिवार को ट्रेन में बैठाने के लिए कल्याण रेलवे स्टेशन पहुंचा था। उसके मुताबिक ट्रेन का निर्धारित समय रात 12 बजे था, लेकिन स्टेशन पर पहुंचने के बाद उसे जानकारी मिली कि ट्रेन करीब दो घंटे लेट है। कुछ समय बाद ट्रेन के और ज्यादा लेट होने की सूचना मिली और आखिरकार ट्रेन लगभग पांच घंटे की देरी से स्टेशन पहुंची।

युवक का कहना है कि वह लगातार प्लेटफॉर्म पर अपने परिवार के साथ मौजूद रहा। इसी दौरान एक टिकट चेकर (टीसी) ने उससे प्लेटफॉर्म टिकट दिखाने को कहा। टिकट की जांच के बाद टीसी ने बताया कि प्लेटफॉर्म टिकट की वैधता समाप्त हो चुकी है और नियमों के अनुसार उसे जुर्माना भरना होगा।


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प्लेटफॉर्म टिकट की वैधता बनी विवाद की वजह

वीडियो में युवक यह दावा करता नजर आता है कि उसने टीसी को ट्रेन लेट होने की वजह बताई और कहा कि वह मजबूरी में प्लेटफॉर्म पर रुका हुआ था। हालांकि टीसी ने कथित तौर पर जवाब दिया कि प्लेटफॉर्म टिकट की समय सीमा खत्म होने के बाद नया टिकट लेना यात्री की जिम्मेदारी होती है। इसके बाद युवक पर ₹500 का जुर्माना लगाया गया।

इस घटना से नाराज युवक वीडियो में सवाल उठाता है कि अगर रेलवे की वजह से ट्रेन कई घंटे लेट होती है और यात्रियों को मजबूरी में स्टेशन पर रुकना पड़ता है, तो उस अतिरिक्त समय की जिम्मेदारी कौन लेगा? उसने रेलवे से नियमों की समीक्षा करने और ऐसी परिस्थितियों के लिए अलग व्यवस्था बनाने की मांग भी की।


सोशल मीडिया पर बंटे लोगों के विचार

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर्स का कहना है कि रेलवे यात्रियों पर नियमों को सख्ती से लागू करता है, लेकिन जब ट्रेनें घंटों लेट होती हैं तो यात्रियों को कोई राहत नहीं मिलती। कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि ऐसी स्थिति में प्लेटफॉर्म टिकट की वैधता ट्रेन की देरी के अनुसार बढ़ाई जानी चाहिए।

वहीं कुछ यूजर्स ने रेलवे नियमों का समर्थन करते हुए कहा कि प्लेटफॉर्म टिकट की अवधि समाप्त होने के बाद नया टिकट लेना यात्री की जिम्मेदारी है और नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं। कुछ लोगों ने युवक को कानूनी या उपभोक्ता मंचों पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह भी दी है।


वायरल वीडियो ने खड़े किए बड़े सवाल

फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और रेलवे के नियमों को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसने एक अहम सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि ट्रेनों की लंबी देरी की स्थिति में प्लेटफॉर्म टिकट धारकों के लिए क्या कोई विशेष व्यवस्था होनी चाहिए या नहीं।