देश में हेल्दी, ऑर्गेनिक, वीगन और न्यूट्रिशन से जुड़े फूड प्रोडक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी बीच भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने कई फूड कंपनियों और ब्रांड्स को नोटिस जारी किया है। आरोप है कि ये कंपनियां अपने उत्पादों की पैकेजिंग, विज्ञापनों और ब्रांड नामों में Healthy, Organic, Vegan, Zero Maida और Vitamin जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर उपभोक्ताओं को आकर्षित कर रही हैं। FSSAI का कहना है कि बिना पर्याप्त प्रमाण या निर्धारित मानकों के ऐसे दावे करना लोगों को भ्रमित कर सकता है। नियामक संस्था के मुताबिक, किसी भी खाद्य उत्पाद को हेल्दी या ऑर्गेनिक बताने के लिए तय नियमों और वैज्ञानिक आधार का पालन करना जरूरी है। इसी वजह से FSSAI ने कंपनियों से जवाब मांगा है और उन्हें खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।
किन कंपनियों और ब्रांड्स को मिला नोटिस?
FSSAI की कार्रवाई के दायरे में कई नामी फूड कंपनियां और ब्रांड्स आए हैं। नोटिस पाने वालों में Emami Healthy & Tasty, Neuherbs, Plan B, Health Aid, Troovy, The Healthy Factory, Healthy Master और Healthy Choice जैसे ब्रांड शामिल हैं। इसके अलावा Organic Wisdom, Shine Organic, Two Brothers Organic Farms, World of Organic, Storia और Iota Water जैसे कई अन्य ब्रांडों के नाम भी सामने आए हैं। FSSAI का मानना है कि इन कंपनियों द्वारा उत्पादों की पैकेजिंग और ब्रांडिंग में इस्तेमाल किए गए कुछ दावे उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकते हैं, इसलिए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
FSSAI को किस बात पर है आपत्ति?
FSSAI का कहना है कि कई कंपनियां अपने उत्पादों की पैकेजिंग, विज्ञापनों और ब्रांड नामों में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर रही हैं, जिससे ग्राहकों को यह लग सकता है कि उत्पाद पूरी तरह हेल्दी, ऑर्गेनिक या खास पोषण गुणों से भरपूर है। खाद्य नियामक के अनुसार, यदि किसी कंपनी के पास ऐसे दावों को साबित करने के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण या वैध प्रमाणन नहीं है, तो यह उपभोक्ताओं को गुमराह करने की श्रेणी में आ सकता है। FSSAI का मानना है कि खाद्य उत्पादों पर किए जाने वाले सभी दावे तय नियमों और मानकों के अनुरूप होने चाहिए, ताकि लोगों को सही और पारदर्शी जानकारी मिल सके।
उपभोक्ताओं के लिए क्यों अहम है यह मामला?
यह मामला आम उपभोक्ताओं के लिए इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि आजकल लोग अपनी सेहत को लेकर पहले से कहीं ज्यादा जागरूक हो गए हैं। खरीदारी करते समय कई लोग खासतौर पर हेल्दी, ऑर्गेनिक, वीगन या पोषक तत्वों से भरपूर जैसे दावों को ध्यान में रखते हैं। ऐसे में अगर किसी उत्पाद की पैकेजिंग या विज्ञापन में भ्रामक जानकारी दी जाती है, तो उपभोक्ता गलत धारणा के आधार पर उसे खरीद सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि FSSAI की यह कार्रवाई खाद्य उत्पादों की सही जानकारी सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने की दिशा में एक अहम कदम है। इससे फूड कंपनियों की जवाबदेही भी बढ़ेगी और बाजार में पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।FSSAI ने नोटिस जारी कर संबंधित कंपनियों से अपने दावों और उत्पादों की पैकेजिंग को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही उन्हें खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अब कंपनियों द्वारा दिए गए जवाब और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि किसी कंपनी के दावे नियमों के अनुरूप नहीं पाए जाते हैं, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जा सकते हैं। FSSAI का कहना है कि उपभोक्ताओं को सही और पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है।
