महताब नोमानी:
भारत के लगभग हर घर में चावल भोजन का अहम हिस्सा है। हालांकि, स्वास्थ्य को लेकर अक्सर यह सवाल उठता है कि सफेद, भूरे (ब्राउन) और लाल चावल में से कौन-सा विकल्प बेहतर है। प्रसिद्ध पोषण विशेषज्ञ सुमन अग्रवाल ने हाल ही में इस विषय पर वैज्ञानिक जानकारी साझा की।
सबसे पहले बात ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) की करें, जो बताता है कि कोई भोजन रक्त शर्करा का स्तर कितनी तेजी से बढ़ाता है। सफेद चावल का GI लगभग 73 होता है, इसलिए यह रक्त में शर्करा का स्तर तेजी से बढ़ा सकता है। वहीं, भूरे चावल का GI 50 और लाल चावल का GI 55 होता है। लाल चावल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।
फाइबर की मात्रा के मामले में भी अंतर देखने को मिलता है। एक कप पके हुए सफेद चावल में लगभग 1.4 ग्राम फाइबर होता है, जबकि भूरे चावल में 3.5 ग्राम और लाल चावल में 4 ग्राम फाइबर पाया जाता है। अधिक फाइबर पाचन को बेहतर बनाता है, आंतों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है और लंबे समय तक पेट भरा होने का एहसास कराता है।
पोषण के लिहाज से लाल चावल सबसे आगे माना जाता है। भूरे चावल में मौजूद फाइटिक एसिड आयरन और जिंक के अवशोषण को कम कर सकता है, जबकि लाल चावल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट आयरन के अवशोषण में मदद करते हैं। सफेद चावल जल्दी पकता और पचता है, जबकि भूरे और लाल चावल अधिक समय तक ऊर्जा प्रदान करते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, पाचन संबंधी समस्याओं वाले लोग सीमित मात्रा में सफेद चावल खा सकते हैं। स्वस्थ पाचन तंत्र वाले लोगों के लिए भूरे चावल अच्छे हैं, जबकि लाल चावल मधुमेह, हृदय स्वास्थ्य और वजन नियंत्रित रखने के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है।
