दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज बड़े-बड़े दावों, शानदार उद्घाटन समारोह और भारी उत्साह के बीच हुआ था। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले फीफा और आयोजकों की ओर से रिकॉर्ड दर्शकों की मौजूदगी और अभूतपूर्व माहौल की बातें कही जा रही थीं। लेकिन जब मुकाबले शुरू हुए तो तस्वीर कुछ अलग ही नजर आई। पहले ही दिन कुछ स्टेडियमों में खाली सीटें चर्चा का विषय बन गईं, जबकि टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले मैक्सिको सिटी की सड़कों पर हुए विरोध-प्रदर्शनों ने भी सुर्खियां बटोरीं। ऐसे में फीफा वर्ल्ड कप 2026 का पहला दिन उम्मीदों के मुताबिक असर छोड़ने में नाकाम रहा।

खाली सीटों ने खड़े किए सवाल

सह-मेजबान मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला गया उद्घाटन मुकाबला मैक्सिको सिटी के ऐतिहासिक एज्टेका स्टेडियम में आयोजित हुआ, जहां दर्शकों की अच्छी-खासी मौजूदगी देखने को मिली। हालांकि दिन के दूसरे मुकाबले ने फीफा की तैयारियों और टिकट बिक्री को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए।

ग्वाडलहारा स्टेडियम में दक्षिण कोरिया और चेकिया के बीच खेले गए मैच के दौरान टीवी प्रसारण में स्टैंड्स के कई हिस्सों में खाली सीटें साफ नजर आईं। मैच के दौरान कॉमेंटेटर ने बताया कि 45,664 दर्शकों की क्षमता वाले स्टेडियम में 44,958 लोग मौजूद थे। इसके बावजूद जब कैमरा दर्शक दीर्घा की ओर घूमा तो बड़ी संख्या में सीटें खाली दिखाई दीं। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने फीफा के आंकड़ों और वास्तविक तस्वीरों के बीच अंतर को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

टिकटों को लेकर फीफा के दावों की खुली पोल?

टूर्नामेंट से पहले फीफा ने दावा किया था कि वर्ल्ड कप 2026 के लिए करीब 50 करोड़ टिकट रिक्वेस्ट प्राप्त हुई हैं। संगठन का कहना था कि यह आंकड़ा पिछले दो फीफा वर्ल्ड कप के मुकाबले लगभग 10 गुना अधिक है। इन दावों के आधार पर माना जा रहा था कि सभी स्टेडियम खचाखच भरे नजर आएंगे।

हालांकि पहले ही दिन सामने आई तस्वीरों ने इन दावों पर सवालिया निशान लगा दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फीफा को कुछ मैचों के टिकटों की कीमतों में भी कमी करनी पड़ी थी ताकि ज्यादा से ज्यादा दर्शक स्टेडियम तक पहुंच सकें। इसके बावजूद कई सीटों का खाली रहना आयोजकों के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है। फुटबॉल प्रशंसकों का मानना है कि टिकटों की ऊंची कीमतें और कुछ मुकाबलों को लेकर कम उत्साह इसकी एक बड़ी वजह हो सकती है।

टूर्नामेंट शुरू होने से पहले सड़कों पर बवाल

फीफा वर्ल्ड कप की शुरुआत से पहले मैक्सिको सिटी की सड़कों पर भी तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी विभिन्न सामाजिक और मानवाधिकार मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने लापता नागरिकों, श्रमिकों की स्थिति और मानवाधिकार से जुड़े मामलों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया।

कुछ स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की खबरें भी सामने आईं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई। दरअसल, मैक्सिको में लापता लोगों का मुद्दा लंबे समय से गंभीर बना हुआ है। देश के राष्ट्रीय रजिस्टर के अनुसार फिलहाल 1,34,460 से अधिक लोग लापता दर्ज हैं। ऐसे में विश्व कप जैसे बड़े आयोजन के दौरान इन मुद्दों को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा।

शुरुआती मुकाबलों में किसने मारी बाजी?

अगर मैदान के प्रदर्शन की बात करें तो उद्घाटन मुकाबले में मेजबान मैक्सिको ने शानदार खेल दिखाते हुए दक्षिण अफ्रीका को 2-0 से हराकर टूर्नामेंट का विजयी आगाज किया। घरेलू दर्शकों के सामने टीम ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए पूरे मैच में दबदबा बनाए रखा।

वहीं दिन के दूसरे ग्रुप मुकाबले में दक्षिण कोरिया ने चेकिया को 2-1 से हराकर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। दोनों टीमों के बीच मुकाबला रोमांचक रहा, लेकिन दक्षिण कोरिया ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए तीन अंक अपने नाम कर लिए।

कुल मिलाकर, फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पहले दिन मैदान पर तो रोमांच देखने को मिला, लेकिन खाली सीटों, टिकट बिक्री पर उठे सवालों और सड़कों पर हुए विरोध-प्रदर्शनों ने आयोजन की चमक को कुछ हद तक फीका जरूर कर दिया। अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में फीफा इन सवालों का जवाब कैसे देता है और क्या आगे के मुकाबलों में स्टेडियम पूरी तरह भरते नजर आते हैं या नहीं।