
Source: Pinterest
पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठ का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि उनकी सरकार अब तक 10,000 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान कर उन्हें वापस भेज चुकी है। उन्होंने कहा कि 1,800 अन्य लोग फिलहाल राज्य के विभिन्न होल्डिंग सेंटरों में हैं और उनके खिलाफ भी कानूनी प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई करना है, जबकि भारतीय नागरिकों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
अवैध घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई का दावा
विधानसभा में बोलते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने दावा किया कि अब तक करीब 10,000 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को उनके देश वापस भेजा जा चुका है। मुख्यमंत्री के अनुसार, 1,800 अन्य लोगों को राज्य के 12 होल्डिंग सेंटरों में रखा गया है, जहां उनकी पहचान और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
भारतीय नागरिकों को दिया भरोसा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य के वास्तविक नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की कार्रवाई किसी धर्म, समुदाय या राजनीतिक विचारधारा के आधार पर नहीं बल्कि केवल वैध और अवैध नागरिकता की स्थिति को ध्यान में रखकर की जा रही है। शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र भारतीय नागरिकों तक ही सीमित रहेगा और किसी अवैध प्रवासी को इन योजनाओं का फायदा नहीं उठाने दिया जाएगा।
सीमा सुरक्षा और पिछली सरकार पर साधा निशाना
अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमा क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लंबे समय तक बीएसएफ को पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। अधिकारी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने सत्ता संभालने के बाद बीएसएफ को 142.79 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है, जिससे सीमा पर सुरक्षा संबंधी परियोजनाओं और बाड़बंदी के कार्य को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
