ere | Source: ereजमुई। बिहार के जमुई के मड़वा गांव में 19 सितंबर की शाम छात्र-छात्रा के साथ हुई शर्मनाक घटना की जांच में वायरल वीडियो अहम सुराग बनकर सामने आया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें मुख्य आरोपी नंदन यादव और हरेराम यादव भी शामिल हैं। वायरल वीडियो में चेहरे पर गमछा बांधे जिस व्यक्ति को छात्रा को गोद में उठाकर ले जाते हुए देखा गया था, उसकी पहचान हरेराम यादव के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, हरेराम ही इस समूह का नेतृत्व कर रहा था।

छात्रा को गोद में उठाकर भागने लगा आरोपी, तभी वहां पहुंचे राहगीर

घटना 19 सितंबर की देर शाम की बताई गई है। छात्रा अपने सहपाठी के साथ स्कूटी से लौट रही थी। मड़वा पहाड़ी इलाके में कुछ लोगों ने दोनों को घेर लिया। आरोप है कि समूह ने छात्र-छात्रा के साथ अश्लील हरकत की। इसी दौरान एक आरोपी छात्रा को गोद में उठाकर वहां से भागने लगा।

इसी बीच पास के गांव की ओर जा रहे कुछ राहगीरों की नजर घटना पर पड़ी। उन्होंने हस्तक्षेप करते हुए आरोपियों का विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों के लगातार दबाव और विरोध के कारण स्थिति बदल गई और आरोपियों ने आखिरकार छात्र-छात्रा को वहां से जाने दिया।

ग्रामीणों के विरोध ने बदला पूरा घटनाक्रम

घटना के दौरान मौजूद एक ग्रामीण ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया कि जब नाबालिग छात्रा को घेरकर उसके साथ अश्लील हरकत की जा रही थी, तभी कुछ लोग वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने आरोपियों से लड़की को छोड़ने और दोनों को जाने देने के लिए कहा।

ग्रामीण के मुताबिक, राहगीर लगातार आरोपियों पर दबाव बनाते रहे। जब उन्हें लगा कि मामला बिगड़ सकता है और आसपास के लोग भी विरोध में आ सकते हैं, तब आरोपियों ने छात्र और छात्रा को वहां से जाने दिया। इस हस्तक्षेप के कारण दोनों सुरक्षित निकल सके।

वायरल वीडियो में गमछे वाला कौन था, पुलिस ने खोला राज

इस मामले में सामने आए वायरल वीडियो ने जांच को आगे बढ़ाने में पुलिस की मदद की। वीडियो में एक व्यक्ति चेहरे पर गमछा बांधे हुए दिखाई दे रहा था। पुलिस की जांच के बाद उसकी पहचान हरेराम यादव के रूप में की गई।

मुंगेर क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक राकेश कुमार ने पीटीआई भाषा को बताया कि हरेराम और नंदन के स्वस्थ होने के बाद पूछताछ के आधार पर मामले में कुछ और लोगों को गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वीडियो क्लिप से यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं था कि घटना में कुल कितने लोग शामिल थे। हालांकि, पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपियों को पकड़ लिया गया है।

मुठभेड़ के बाद नंदन और हरेराम गिरफ्तार

पुलिस ने मंगलवार को प्रतापपुर गांव के आसपास कार्रवाई करते हुए नंदन यादव और हरेराम यादव को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों के साथ मुठभेड़ भी हुई। इस दौरान नंदन यादव के पैर में गोली लगने की बात सामने आई है, जबकि हरेराम यादव के पैर में फ्रैक्चर हुआ है। दोनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी टाउन थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव के रहने वाले हैं। घटना के बाद से पुलिस उनकी भूमिका और कथित आपराधिक गतिविधियों से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।

शराब तस्करी और अवैध बालू खनन से भी जुड़े होने का दावा

आरक्षी अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने बताया कि नंदन यादव और हरेराम यादव के शराब के कारोबार तथा अवैध बालू खनन से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस दोनों का आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुंदर जाने वाले रास्ते से शराब के कारोबार और प्रतापपुर घाट से अवैध बालू के कारोबार की गतिविधियों की जानकारी मिली है। हालांकि, इन गतिविधियों से जुड़े आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।

ग्रामीणों ने बताया, घटना के समय नशे में थे आरोपी

ग्रामीणों के अनुसार, घटना वाले दिन नंदन यादव और हरेराम यादव शराब के नशे में थे। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि दोनों युवक अक्सर लोगों से विवाद करते थे और उनके व्यवहार से आसपास के लोग परेशान रहते थे।

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि घटना के समय वहां मौजूद लोगों की वास्तविक संख्या कितनी थी और किस आरोपी की क्या भूमिका थी। वायरल वीडियो की मदद से आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है।

मड़वा पहाड़ी इलाके में सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग से जुड़ा मड़वा पहाड़ी इलाका सदर थाना से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर बताया जाता है। सोनाय मड़वा और कुंदर को जोड़ने वाली सड़क के आसपास आबादी कम होने के कारण शाम के बाद यह इलाका सुनसान हो जाता है।

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इस क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त नहीं होती। उनका कहना है कि सुनसान पहाड़ी इलाके का फायदा शराब तस्करी और अवैध बालू कारोबार से जुड़े लोगों को मिलता है। ग्रामीणों के मुताबिक, शाम ढलने के बाद इलाके में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं।

पुलिस की जांच अभी जारी, अन्य आरोपियों पर भी नजर

मुंगेर क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक राकेश कुमार के अनुसार, नंदन यादव और हरेराम यादव के स्वस्थ होने के बाद उनसे पूछताछ की जाएगी। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कुछ अन्य लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।

पुलिस अधिकारी ने यह भी कहा कि वायरल वीडियो में घटना में शामिल लोगों की पूरी संख्या स्पष्ट नहीं थी। जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य संदिग्धों की भूमिका सामने आने की संभावना है। फिलहाल पुलिस मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की बात कह रही है और मामले की आगे की कार्रवाई जारी है।