
अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ।Source : Chrome
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इटावा दौरे के दौरान समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। 604 करोड़ रुपये की 128 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में उन्होंने अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए मुलायम सिंह यादव के कार्यों का भी जिक्र किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने परिवारवाद पर सवाल उठाए और 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में हुए विकास और बदलावों को बीजेपी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया।
मुलायम सिंह यादव का किया जिक्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सैफई मेडिकल संस्थान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस संस्थान की परिकल्पना मुलायम सिंह यादव ने की थी, लेकिन बाद की सरकारें इसे अपेक्षित गति नहीं दे सकीं। योगी ने दावा किया कि बीजेपी सरकार ने इस परियोजना को आगे बढ़ाते हुए 490 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक और 232 करोड़ रुपये की लागत से 300 बेड का गायनी ब्लॉक तैयार कराया, जिससे संस्थान का तेजी से विस्तार हुआ।
परिवारवाद पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी आंदोलन की शुरुआत जनहित के उद्देश्य से हुई थी, लेकिन समय के साथ परिवारवाद और वंशवाद हावी हो गया। उनका आरोप था कि इससे व्यवस्था प्रभावित हुई और आम लोगों को विकास का लाभ नहीं मिल सका।
2017 से पहले और बाद का अंतर गिनाया
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले प्रदेश में नौकरी, विकास योजनाओं और प्रशासन पर कुछ लोगों का प्रभाव था, जिससे युवाओं, किसानों और मजदूरों को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले कांवड़ यात्रा जैसी धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जाती थी, जबकि वर्तमान सरकार सभी की आस्था का सम्मान करते हुए व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रही है।
इटावा की बदली पहचान का किया दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश की पहचान कानून व्यवस्था, विकास और निवेश से जुड़ चुकी है। उन्होंने कहा कि पहले जिन जिलों की पहचान अपराध और माफियाओं से होती थी, अब वे मेडिकल कॉलेज, स्थानीय उत्पाद और विकास योजनाओं के लिए जाने जा रहे हैं। योगी ने दावा किया कि आज इटावा के युवाओं को देशभर में सम्मान के साथ देखा जाता है और जिले की छवि पूरी तरह बदल चुकी है।
