UP Politics: 315 वोट से जीती BJP, फिर 33,791 वोट से पिछड़ी... 2027 में Nakud का Game किसके पक्ष में जाएगा? | Source: Abp news.comउत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. सहारनपुर जिले की नकुड़ विधानसभा सीट पर इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प होने के आसार हैं. 2022 में भारतीय जनता पार्टी ने इस सीट पर बेहद मामूली अंतर से जीत दर्ज की थी, जबकि 2024 के लोकसभा चुनाव में यहां सपा-कांग्रेस गठबंधन ने बड़ी बढ़त हासिल की. अब SIR के बाद मतदाताओं की संख्या में आई कमी ने इस सीट के चुनावी समीकरण को और चर्चा में ला दिया है.

UP Politics: 315 वोट से जीती BJP, फिर 33,791 वोट से पिछड़ी... 2027 में Nakud का Game किसके पक्ष में जाएगा?Source : Abp news.com

2022 में सिर्फ 315 वोट से जीती थी BJP

नकुड़ विधानसभा सहारनपुर जिले में आती है और कैराना लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है. 2022 के विधानसभा चुनाव में BJP के मुकेश चौधरी ने यहां जीत दर्ज की थी.

समाजवादी पार्टी ने धर्म सिंह सैनी को उम्मीदवार बनाया था, जो चुनाव से ठीक पहले BJP छोड़कर सपा में शामिल हुए थे. BSP ने साहिल खान और कांग्रेस ने रणधीर सिंह को मैदान में उतारा था. उस चुनाव में सपा और राष्ट्रीय लोकदल साथ थे.

2022 के चुनाव में BJP को 1,04,114 वोट मिले, जबकि सपा को 1,03,799 वोट हासिल हुए. BSP को 55,112, AIMIM को 3,593 और कांग्रेस को 1,354 वोट मिले.

यानी BJP और सपा के बीच जीत का अंतर सिर्फ 315 वोट रहा. नकुड़ में दोनों दलों के बीच मुकाबला आखिरी दौर तक बेहद कांटे का रहा था.

SIR के बाद घटे करीब 25 हजार मतदाता

नकुड़ सीट पर विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से पहले कुल 3,60,523 मतदाता थे. SIR के बाद यह संख्या घटकर 3,35,622 रह गई.

इस तरह पुनरीक्षण के बाद कुल 24,901 मतदाताओं की कमी दर्ज की गई. ऐसे में 2027 के चुनाव में SIR का असर नकुड़ के चुनावी समीकरण पर कितना पड़ेगा, यह भी अहम सवाल बन गया है.

2024 में पलट गई नकुड़ की तस्वीर?

2022 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के आंकड़ों की तुलना करें तो नकुड़ की तस्वीर काफी बदली हुई नजर आती है.

2024 के लोकसभा चुनाव में नकुड़ विधानसभा क्षेत्र में सपा-कांग्रेस गठबंधन को 1,26,320 वोट मिले, जबकि BJP-RLD गठबंधन को 92,529 वोट हासिल हुए. BSP को 31,016 वोट मिले.

इस तरह 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन नकुड़ विधानसभा क्षेत्र में BJP-RLD गठबंधन से 33,791 वोट आगे रहा.

 2022 में अलग थे गठबंधन, 2024 में बदला समीकरण

2022 के विधानसभा चुनाव में सपा और RLD ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, जबकि कांग्रेस और BSP अलग-अलग मैदान में थीं.

वहीं 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस गठबंधन के साथ चुनाव लड़ीं. दूसरी ओर BJP और RLD ने भी गठबंधन किया. BSP इस चुनाव में अकेले मैदान में थी.

यही गठबंधन समीकरण 2024 में नकुड़ विधानसभा क्षेत्र के नतीजों में बड़ा अंतर पैदा करने वाला कारक माना जा रहा है.

नकुड़ का अनुमानित जातीय समीकरण

नकुड़ विधानसभा सीट के अनुमानित सामाजिक समीकरण में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या करीब 1.18 लाख बताई गई है. इसके बाद SC मतदाता करीब 60 हजार, गुर्जर करीब 40 हजार और सैनी करीब 35 हजार बताए गए हैं.

इसके अलावा कश्यप करीब 22 हजार, जाट 11 हजार, ब्राह्मण 10 हजार, क्षत्रिय 9 हजार, वैश्य 8 हजार, पांचाल 7 हजार और पाल-प्रजापति करीब 8 हजार बताए गए हैं.

मुस्लिम और SC बहुल सीट है नकुड़

नकुड़ को मुस्लिम और SC बहुल विधानसभा सीट माना जाता है. यहां OBC मतदाताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका है. पिछड़ी और अति पिछड़ी जातियों के मतदाता चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं.

SIR के बाद करीब 24,901 मतदाताओं की कमी दर्ज होने के कारण 2027 के चुनाव में वोटरों के नए समीकरण पर भी नजर रहेगी.

BJP के सामने क्या है चुनौती?

BJP नकुड़ सीट पर आमतौर पर गुर्जर समाज के उम्मीदवारों को मैदान में उतारती रही है. 2022 में भी पार्टी ने मुकेश चौधरी को टिकट दिया था और उन्होंने सिर्फ 315 वोट के अंतर से जीत हासिल की.

वहीं 2024 में सपा-कांग्रेस गठबंधन को इस विधानसभा क्षेत्र में 33,791 वोटों की बढ़त मिली. ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव में BJP के सामने इस बढ़त को पलटना बड़ी चुनौती होगी.

SP के लिए भी राह इतनी आसान नहीं

हालांकि 2024 के आंकड़े सपा-कांग्रेस गठबंधन के पक्ष में दिखाई देते हैं, लेकिन 2027 में समीकरण अलग हो सकते हैं. सपा इस बार किस सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार उतारती है, यह महत्वपूर्ण होगा.

धर्म सिंह सैनी की BJP में वापसी भी नकुड़ की राजनीति में एक अहम बदलाव है. ऐसे में उम्मीदवार, गठबंधन और जातीय समीकरण तीनों ही चुनावी नतीजे को प्रभावित कर सकते हैं.

SC वोट पर टिकी नजर

नकुड़ सीट पर SC मतदाताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण बताई गई है. यदि SC वोट सपा के साथ जाता है तो सपा का पलड़ा भारी हो सकता है, जबकि BJP को यह समर्थन मिलने पर पार्टी एक बार फिर सीट पर मजबूत स्थिति में पहुंच सकती है.

2027 में नकुड़ का मुकाबला इसलिए खास होगा क्योंकि एक तरफ BJP के पास 2022 की बेहद करीबी जीत का अनुभव है, वहीं दूसरी तरफ 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन की बड़ी बढ़त भी सामने है. अब SIR के बाद बदले मतदाता आंकड़े और नए राजनीतिक समीकरण इस सीट का गेम किस दिशा में मोड़ते हैं, इस पर सबकी नजर रहेगी.