उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए नई प्रदेश टीम का ऐलान कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की अगुवाई में गठित इस नई टीम में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश साफ दिखाई दे रही है। खास बात यह है कि समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं प्रयागराज की विधायक पूजा पाल को प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुरेश राणा को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। भाजपा ने संगठन में ओबीसी, महिला और युवा चेहरों को प्रमुखता देते हुए आगामी चुनावी रणनीति का संकेत दिया है। राजनीतिक जानकार इस नई टीम को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की चुनावी तैयारी और सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मान रहे हैं।

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पूजा पाल और सुरेश राणा बने प्रदेश उपाध्यक्ष

नई टीम में समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं प्रयागराज की विधायक पूजा पाल को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुरेश राणा को भी उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूर्वांचल के गोरखपुर से आने वाले कामेश्वर सिंह को भी प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। भाजपा संगठन में अब कुल 19 उपाध्यक्ष हो गए हैं, जबकि प्रदेश मंत्रियों की संख्या 18 रखी गई है।

ओबीसी समीकरण पर भाजपा का फोकस

नई टीम के गठन में सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश दिखाई दे रही है। समाजवादी पार्टी के पीडीए समीकरण की काट के लिए भाजपा ने ओबीसी वर्ग पर विशेष जोर दिया है। दिनेश प्रताप सिंह को यूपी भाजपा का प्रवक्ता बनाया गया है। देवेंद्र सिंह को भाजपा किसान मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष, रोहित मिश्रा को भाजपा युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष, अशोक रावत को अनुसूचित जाति मोर्चा का अध्यक्ष और सरोज कुशवाहा को महिला मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र नीरज सिंह को भी प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है।

पूजा पाल का राजनीतिक सफर रहा चर्चा में

प्रयागराज से विधायक पूजा पाल लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में चर्चित चेहरा रही हैं। उनके पति और बसपा विधायक रहे राजू पाल की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में माफिया अतीक अहमद के गुर्गों पर आरोप लगा था। राजू पाल हत्याकांड की पैरवी कर रहे अधिवक्ता उमेश पाल की भी फरवरी 2023 में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले के बाद अतीक अहमद को साबरमती जेल से उत्तर प्रदेश लाया गया था। बाद में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की भी हत्या कर दी गई थी।

पूजा पाल के भाजपा में शामिल होने और अब संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने को पार्टी की रणनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।