ere | Source: ereमहिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण कई बार पुरुषों से अलग तरीके से सामने आ सकते हैं। यही वजह है कि कुछ संकेतों को गैस, एसिडिटी, तनाव, थकान या ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्या मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। स्वास्थ्य संबंधी विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाओं में दिल से जुड़ी गंभीर समस्या के दौरान हमेशा पारंपरिक तरीके से सीने में तेज दर्द हो, यह जरूरी नहीं है। कुछ मामलों में शरीर दूसरे संकेतों के जरिए भी खतरे की ओर ध्यान दिला सकता है।

पूरी नींद के बाद भी बनी रहे असामान्य थकान तो सावधान

यदि पर्याप्त नींद लेने के बाद भी लगातार असामान्य थकान महसूस हो रही है और रोजमर्रा के छोटे काम करने में भी पहले की तुलना में अधिक परेशानी या सांस फूलने जैसी समस्या होने लगी है, तो इसे सामान्य थकान मानकर लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति के कई कारण हो सकते हैं और केवल इस एक लक्षण के आधार पर हार्ट अटैक का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। लगातार या अचानक बढ़ती परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

रात में अचानक नींद खुलना और बेचैनी को सिर्फ तनाव न समझें

कई बार रात में अचानक नींद टूटने, बेचैनी या घबराहट जैसी परेशानी को लोग मानसिक तनाव या दिनभर की थकान से जोड़ देते हैं। लेकिन यदि ऐसी समस्या बार-बार हो रही है या इसके साथ शरीर में अन्य असामान्य लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है। केवल घबराहट के आधार पर हार्ट अटैक की पुष्टि नहीं की जा सकती, लेकिन नए और असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज करना भी सही नहीं है।

सीने के बजाय जबड़े या गर्दन में महसूस हो सकता है दबाव

हार्ट अटैक के दौरान हर व्यक्ति में एक जैसे लक्षण दिखाई नहीं देते। कुछ महिलाओं में सीने की परेशानी के बजाय जबड़े, गर्दन, पीठ या ऊपरी शरीर के दूसरे हिस्सों में दर्द, दबाव या असहजता महसूस हो सकती है। ऐसी परेशानी को केवल थायरॉइड, मांसपेशियों के खिंचाव या किसी सामान्य समस्या से जोड़ने से पहले चिकित्सकीय मूल्यांकन कराना जरूरी है, खासकर जब लक्षण अचानक शुरू हुए हों या अन्य संकेतों के साथ मौजूद हों।

अचानक पसीना और मतली को गैस समझना पड़ सकता है भारी

बिना किसी स्पष्ट वजह के अचानक बहुत अधिक पसीना आना, कमजोरी महसूस होना या उल्टी जैसा लगना भी दिल से जुड़ी समस्या के दौरान दिखाई देने वाले संभावित लक्षणों में शामिल हो सकता है। हालांकि इन लक्षणों के पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। यदि अचानक पसीने और मतली के साथ सीने, जबड़े, पीठ या कंधों में दर्द, सांस लेने में परेशानी अथवा चक्कर जैसे लक्षण भी हों, तो तत्काल चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।

दोनों कंधों के बीच अचानक दर्द को भी हल्के में न लें

ऊपरी पीठ में, खासकर दोनों कंधों के बीच अचानक दर्द या दबाव महसूस होना भी कुछ महिलाओं में दिल से संबंधित समस्या के साथ दिखाई दे सकता है। आमतौर पर पीठ दर्द को मांसपेशियों की समस्या मान लिया जाता है, लेकिन यदि दर्द अचानक शुरू हुआ है और इसके साथ सांस फूलना, पसीना, मतली, कमजोरी या अन्य असामान्य लक्षण हैं तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए।

महिलाओं में लक्षण अलग क्यों महसूस हो सकते हैं?

दिल का दौरा पड़ने पर हर व्यक्ति का अनुभव एक जैसा नहीं होता। महिलाओं में कुछ मामलों में सीने के दर्द के बजाय थकान, सांस फूलना, मतली, पसीना, गर्दन या जबड़े में असहजता तथा पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द जैसी शिकायतें सामने आ सकती हैं। इसी वजह से ऐसे लक्षणों को केवल गैस, एसिडिटी या तनाव मान लेना स्थिति को समझने में देरी कर सकता है।

गैस, एसिडिटी या बीपी मानकर खुद से इलाज न करें

पेट में गैस, ब्लोटिंग, एसिडिटी, बेचैनी और पसीना जैसी समस्याएं कई सामान्य कारणों से भी हो सकती हैं। इसलिए किसी एक लक्षण को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि व्यक्ति को हार्ट अटैक हो रहा है। लेकिन यदि लक्षण अचानक शुरू हुए हों, तेजी से बढ़ रहे हों या एक साथ कई संकेत दिखाई दे रहे हों, तो घरेलू उपचार करके इंतजार करने के बजाय चिकित्सकीय मदद लेना अधिक सुरक्षित है।

कब तत्काल चिकित्सा सहायता जरूरी है?

यदि अचानक सीने में दबाव या दर्द, सांस लेने में कठिनाई, बेहोशी या तेज कमजोरी, ठंडा पसीना, मतली या उल्टी, जबड़े अथवा गर्दन में दर्द, ऊपरी पीठ में असामान्य दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे आपात स्थिति मानकर तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। हार्ट अटैक में समय पर उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता है।

सिर्फ लक्षणों के आधार पर हार्ट अटैक की पुष्टि नहीं होती

इनमें से कोई भी लक्षण अकेले हार्ट अटैक का प्रमाण नहीं है। थकान, नींद में परेशानी, पसीना, मतली, गर्दन का दर्द या पीठ में दर्द कई दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भी हो सकते हैं। हार्ट अटैक की पुष्टि के लिए डॉक्टर की जांच और आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण जरूरी होते हैं।