बीरभूम (पश्चिम बंगाल)। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले से सामने आई एक बड़ी कार्रवाई ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक पूर्व सरकारी बस चालक के घर पर छापेमारी की, जहां से भारी मात्रा में नकदी और सोने की बरामदगी होने का दावा किया गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, घर के भीतर लगभग 20 करोड़ रुपये नकद और करीब 15 किलोग्राम सोने के बिस्कुट मिले हैं। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और पूरे मामले की जांच जारी है।
गुप्त सूचना के बाद देर रात हुई छापेमारी
जानकारी के अनुसार पुलिस को देउचा क्षेत्र में स्थित मीनार मंडल के घर में बड़ी मात्रा में अवैध संपत्ति छिपाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने देर रात वहां छापा मारा। बताया जाता है कि मीनार मंडल पहले सरकारी बस चालक के रूप में कार्य कर चुका है। वह क्षेत्र के पत्थर कारोबारी टुलू मंडल की पत्नी का भाई भी बताया जा रहा है। पुलिस जब घर के भीतर पहुंची तो वहां का दृश्य देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
35 बोरियों में भरी मिली नकदी, अधिकारियों की बढ़ी मुश्किल
छापेमारी के दौरान घर के एक कमरे में बड़ी संख्या में बोरियां रखी हुई थीं। जब इन बोरियों को खोला गया तो उनमें नकदी भरी मिली। पुलिस के अनुसार कुल 35 बोरियों में बड़ी मात्रा में नोट रखे गए थे। बरामद नकदी की मात्रा इतनी अधिक थी कि मौके पर मौजूद अधिकारियों को उसे सुरक्षित रखने और जब्त करने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ी।
नोटों की गिनती के लिए मंगानी पड़ीं पांच मशीनें
बरामद नकदी की गिनती करना पुलिस के लिए आसान नहीं था। इसके लिए तत्काल पांच नोट गिनने वाली मशीनें मंगाई गईं। लंबे समय तक लगातार नोटों की गिनती की गई, लेकिन नकदी की मात्रा इतनी अधिक थी कि पूरी प्रक्रिया में काफी समय लगा। पुलिस ने नकदी को सुरक्षित रखने के लिए पांच बड़े लोहे के बक्सों की भी व्यवस्था की, जिनमें रकम को सील कर सुरक्षित रखा गया।
करीब 15 किलोग्राम सोने के बिस्कुट भी हुए बरामद
नकदी के अलावा पुलिस को घर से लगभग 15 किलोग्राम सोने के बिस्कुट भी मिले हैं। पुलिस ने सोने और नकदी दोनों को जब्त कर लिया है। बरामद संपत्ति के स्रोत और उसकी वैधता की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
पत्थर उद्योग से जुड़े कारोबार पर पुलिस की नजर
प्राथमिक जांच में पुलिस को संदेह है कि इस मामले का संबंध पत्थर उद्योग से जुड़े वित्तीय लेनदेन से हो सकता है। आरोप है कि टुलू मंडल की एजेंसी तीन जिलों के पत्थर उद्योगों के प्रवेश द्वारों पर टैक्स वसूली का कार्य करती थी। जांच एजेंसियों के अनुसार हर महीने सरकारी खजाने में लगभग 83 करोड़ रुपये जमा होने की संभावना थी, लेकिन रिकॉर्ड में केवल 2 से 5 करोड़ रुपये ही जमा दिखाए जाते थे। शेष राशि कहां गई, इसी पहलू की जांच अब तेज कर दी गई है।
आर्थिक अनियमितताओं के हर पहलू की हो रही जांच
पुलिस और संबंधित एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि बरामद नकदी और सोना किन स्रोतों से आया तथा इसमें किन-किन लोगों की भूमिका हो सकती है। जांच अधिकारी वित्तीय दस्तावेजों, लेनदेन के रिकॉर्ड और अन्य संबंधित साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' (X) पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की 'जीरो टॉलरेंस नीति' जारी रहेगी। उन्होंने लिखा, "भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी 'जीरो टॉलरेंस नीति' जारी रहेगी। जो लोग जनता की गाढ़ी कमाई लूटकर और पिछली हुकूमत की आड़ में अपनी तिजोरियां भर रहे थे, उन्हें किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सार्वजनिक संपत्ति जनता की है और इसे लूटने वालों को कानून का सबसे खौफनाक चेहरा देखना होगा। माफिया सिंडिकेट पर यह करारा प्रहार जारी रहेगा।"
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने बरामद नकदी और सोने को अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस कथित अवैध संपत्ति का नेटवर्क किन-किन क्षेत्रों तक फैला हुआ है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।
