NALSAR Convocation पर बड़ा विवाद! CJI सूर्यकांत को Chief Guest बनाने के प्रस्ताव पर छात्रों ने क्यों जताई आपत्ति, यूनिवर्सिटी से की पुनर्विचार की मांग | Source: Dainik jagaran.comहैदराबाद की NALSAR University के Graduating Students ने VC, Registrar और Professors को पत्र भेजकर दीक्षांत समारोह के लिए CJI सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाए जाने के कथित प्रस्ताव पर सवाल उठाए

NALSAR Convocation पर बड़ा विवाद! CJI सूर्यकांत को Chief Guest बनाने के प्रस्ताव पर छात्रों ने क्यों जताई आपत्ति, यूनिवर्सिटी से की पुनर्विचार की मांगSource : Dainik jagaran.com

हैदराबाद की नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च (NALSAR) से ग्रेजुएट होने वाले छात्रों के एक समूह ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से आगामी दीक्षांत समारोह के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाने के कथित प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

वाइस-चांसलर, रजिस्ट्रार और प्रोफेसरों को भेजे गए एक पत्र में छात्रों ने कहा कि दीक्षांत समारोह में यूनिवर्सिटी की संवैधानिक अधिकारों, न्याय तक पहुंच और शिकायतों पर तर्कपूर्ण तरीके से विचार करने की प्रतिबद्धता दिखाई देनी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर उठाया सवाल

छात्रों की आपत्ति का मुख्य कारण सुप्रीम कोर्ट का वह कथित इनकार बताया गया है, जिसमें 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए ‘चलो संसद’ प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से जुड़ी याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए लिस्ट करने से मना कर दिया गया था।

यह प्रदर्शन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) की ओर से आयोजित किया गया था। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने NEET परीक्षा के संचालन और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के कामकाज जैसे मुद्दे उठाए थे।

CJI की कथित टिप्पणियों का भी पत्र में जिक्र

छात्रों ने अपने पत्र में उन खबरों का हवाला दिया, जिनमें इस मामले की सुनवाई के दौरान CJI की कथित टिप्पणियों का जिक्र किया गया था।

पत्र के मुताबिक, 22 जुलाई को मामले में तत्काल सुनवाई की मांग रखे जाने पर CJI ने वकील से कथित तौर पर कहा, “हमारा समय बर्बाद न करें और अपना समय भी बर्बाद न करें।”

छात्रों ने यह भी दावा किया कि जब वकील ने कथित पुलिस ज्यादती के वीडियो सबूत दिखाने की पेशकश की, तो CJI ने कहा, “हमें वीडियो में कोई दिलचस्पी नहीं है। हमारे पास उन्हें देखने का समय नहीं है।”

 ‘बहुत-बहुत धन्यवाद’ कहकर रोकने का दावा

पत्र में यह भी दावा किया गया है कि जब वकील प्रदर्शन के पीछे उठाए गए मुद्दों को समझा रहे थे, तो उन्हें बीच में रोक दिया गया और कथित तौर पर कहा गया, “बहुत-बहुत धन्यवाद।”

छात्रों ने इन घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किए जाने वाले व्यक्ति का सार्वजनिक आचरण यूनिवर्सिटी के संवैधानिक मूल्यों और न्याय तक पहुंच की प्रतिबद्धता के अनुरूप होना चाहिए।

 CJI से पहले ही भेजी जा चुकी है अलग याचिका

छात्रों ने बताया कि CJI को पहले ही एक अलग पत्र के रूप में याचिका भेजी जा चुकी है। इसमें प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की मांग की गई है।

याचिका में महिलाओं और बच्चों सहित 170 से अधिक प्रदर्शनकारियों के घायल होने का हवाला दिया गया है। साथ ही ‘डीके बसु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य’ मामले में तय किए गए सुरक्षा उपायों का भी उल्लेख किया गया है।

 ‘हालिया सार्वजनिक व्यवहार NALSAR के मूल्यों से मेल नहीं खाता’

ग्रेजुएट होने वाले बैच के छात्रों ने कहा कि वे ऐसे सम्मानित व्यक्ति से डिग्री लेने जा रहे हैं, जिनके हालिया सार्वजनिक व्यवहार को लेकर खबरें सामने आई हैं कि उन्होंने विरोध कर रहे नागरिकों पर पुलिस की बर्बरता के गंभीर आरोपों को नजरअंदाज किया।

छात्रों का कहना है कि ऐसी धारणा NALSAR में उन्हें सिखाए गए मूल्यों से मेल नहीं खाती।

यूनिवर्सिटी से पुनर्विचार और छात्रों से सलाह की मांग

छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से इस कथित प्रस्ताव पर गंभीरता से पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को औपचारिक रूप से निमंत्रण भेजने से पहले ग्रेजुएट होने वाले बैच से सलाह-मशविरा किया जाना चाहिए।

छात्रों ने प्रशासन के साथ इस मामले पर चर्चा करने का अवसर भी मांगा है और अपने पत्र पर जवाब देने का अनुरोध किया है।