जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने रविवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से प्रभावित छात्रों को न्याय मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग उठाई है। यह आंदोलन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा चलाए जा रहे प्रदर्शन का हिस्सा है।


छात्रों को न्याय दिलाने की मांग

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि सोनम वांगचुक ने छात्रों के हित में और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की है। संगठन का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई की जानी चाहिए।


जंतर-मंतर पर जुटे छात्र और प्रदर्शनकारी

वांगचुक के अनशन की शुरुआत के साथ ही जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र, युवा और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग एकत्र हुए। कुछ किसान संगठनों के प्रतिनिधि भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। आंदोलन की शुरुआत दो मिनट के मौन के साथ की गई।


राजघाट जाकर महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि

भूख हड़ताल शुरू करने से पहले सोनम वांगचुक और CJP के संस्थापक अभिजीत दीपक ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद दोनों जंतर-मंतर पहुंचे और आंदोलन की शुरुआत की। उल्लेखनीय है कि CJP 20 जून से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है।


देशभर के छात्रों और संगठनों से समर्थन की अपील

सभा को संबोधित करते हुए आयोजकों ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक परीक्षा या एक मुद्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की पूरी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और युवाओं का भरोसा बहाल करने की मांग से जुड़ा है। उन्होंने छात्रों, किसानों और सामाजिक संगठनों से इस आंदोलन में शामिल होकर समर्थन देने की अपील की।